Pension को दर-दर भटकते ब्रज के कलाकार, संस्कृति विभाग उदासीन

चरकुला के लिए प्रसिद्ध मुखराई गांव के वयोवृद्ध कलाकार मदन लाल शर्मा को वर्षों के प्रयास के बावजूद pension नहीं मिल सकी हैं, कोसी के नौटंकी कलाकार लाल चन्द वर्मा को pension स्वीकृत हो जाने पर भी 6 माह से पेंशन नहीं मिली हैं

मथुरा। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा ऐसे कलाकारों को जिन्होंने किसी कला विधा के क्षेत्र में न्यूनतम दस वर्ष कला प्रदर्शन किया हो, आयु 60 वर्ष से कम न हो, वार्षिक आय 24 हजार से अधिक न हो, दो हजार रुपये मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है।

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष पद्श्री मोहन स्वरूप भाटिया ने बताया है कि वास्वतिक गुणी कलाकार होने पर भी उन्हें संगीत, नृत्य तथा नाटक के विशिष्‍ट व्यक्ति का प्रमाण, आय के सम्बन्ध में तहसीलदार का एवं आयु के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रमाण-पत्र 15 सितम्बर तक भेजने होते हैं।

उन्होंने बताया कि कलाकारों को ये प्रमाण पत्र कई-कई चक्कर लगाने और भेंट-पूजा के पश्चात मिल पाते हैं और आवेदन-प्रपत्र लखनऊ भेजे जाने के पश्चात् भी पेंश्‍न सौभाग्यशालियों को ही प्राप्त हो पाती हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 43 वर्ष पूर्व जब उन्होंने ‘चरकुला नृत्य‘ की खोज की थी, तब के सहयोगी रहे मुखराई के वयोवृद्ध कलाकार मदन लाल शर्मा को वर्षों के प्रयास के बावजूद पेंशन नहीं मिल सकी हैं। कोसी के नौटंकी कलाकार लाल चन्द वर्मा को पेंशन स्वीकृत हो जाने पर भी 6 माह से पेंशन नहीं मिली हैं।

मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा है कि पैंषन के सम्बन्ध में दर-दर भटकते कलाकार सहायता के लिए उनके पास आते रहते हैं। उन्होंने कलाकारों की पैंषन आदि की कठिनाइयों के सम्बन्ध में ब्रज के ही संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी को अवगत कराया है किन्तु उनके निर्देषों के बावजूद संस्कृति विभाग सक्रिय नहीं हो सका है।

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