भारत में अब आर्टिकल 370 और 35A की कोई जगह नहीं है: राउत

मुंबई। जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली पर बयान देने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला शिवसेना के निशाने पर हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने अब्दुल्ला पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह चाहते हैं तो पाकिस्तान जाकर आर्टिकल 370 लागू कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत में यह मुमकिन नहीं है।
संजय राउत ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘अगर फारूक अब्दुल्ला चाहें तो पाकिस्तान जा सकते हैं और वहां आर्टिकल 370 लागू कर सकते हैं। भारत में अब आर्टिकल 370 और 35A की कोई जगह नहीं है।’
पहले भी नाराजगी जता चुके हैं संजय राउत
इससे पहले भी राउत अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बयानों पर नाराजगी जता चुके हैं। संजय राउत ने कहा था कि चाहे फारूक अब्दुल्ला हों या महबूबा मुफ्ती, अगर कोई भारत के संविधान को चुनौती देने के लिए चीन की मदद लेने की बात करता है तो उन्हें 10 साल के लिए जेल भेजा जाना चाहिए। बता दें कि शुक्रवार को नैशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर का पुराना दर्जा बहाल होने तक नहीं मरेंगे।
‘पाकिस्तान जाना होता तो 1947 में ही चले जाते’
अब्दुल्ला ने अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान कहा था, ‘जो लोग पाकिस्तान जाने का मशविरा दे रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अगर हमें पाक चले जाना होता तो हम 1947 में ही चले जाते।’ फारूक ने कहा था, ‘यह हमारा भारत हैं, लेकिन हमारा हिंदुस्तान गांधी का हिंदुस्तान है बीजेपी का नहीं। अपने लोगों के अधिकार वापस लेने तक मैं नहीं मरूंगा।
हिरासत से बाहर आने के बाद दिए विवादित बयान
हिरासत से बाहर आने के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती विवादित बयान दे रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि कश्मीर का झंडा फिर से फहरने तक वह तिरंगा नहीं फहराएंगी। वहीं फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर के लोग चाहते हैं कि चीन की मदद से यहां आर्टिकल 370 की बहाली हो।
गुप्कार गठबंधन के अध्यक्ष हैं फारूक अब्दुल्ला
पिछले साल जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले के एक दिन पहले गुप्कार गठबंधन के सभी हस्ताक्षरकर्ताओं ने राज्य की पहचान, स्वायत्तता और विशेष दर्जा बरकरार रखने की प्रतिज्ञा ली थी। हिरासत से बाहर आने के बाद गुप्कार गठबंधन का ऐलान हुआ। फारूक अब्दुल्ला इसके अध्यक्ष नियुक्त हुए जबकि महबूबा उपाध्यक्ष।
-एजेंसियां

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