सेना की केंद्र सरकार को चेतावनी, कश्‍मीर में Ceasefire बढ़ाना अब उचित नहीं

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्‍मीर में Ceasefire बढ़ाने के प्रस्‍ताव पर भारतीय सेना ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। सेना ने कहा है क‍ि Ceasefire बढ़ाने के फैसले पर वह केंद्र सरकार के साथ है लेकिन इस तरह का कदम उठाना राज्‍य की सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं होगा। सेना की एकीकृत कमान के कोर कमांडरों ने पिछले दिनों गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के दौरान उन्‍हें अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया।
सेना ने कहा केंद्र गृहमंत्री से कहा कि Ceasefire को बढ़ाना तीन वजहों से उचित नहीं होगा। पहला- पाकिस्‍तान नहीं चाहता कि Ceasefire बढ़े इसलिए बड़ी संख्‍या में आतंकवादियों को भेजा जा रहा है। अब तक दो से तीन आतंकवादी भेजे जाते थे लेकिन अब 5 से 6 आतंकी भेजे जा रहे हैं। पाकिस्‍तान चाहता है कि कश्‍मीर हिंसा तेज हो।
दूसरा कारण सेना ने यह बताया कि स्‍थानीय आतंकवादियों को हथियार तथा गोला-बारूद की आपूर्ति कम होती जा रही है, इसलिए वे सुरक्षाबलों से हथियार छीन रहे हैं। Ceasefire बढ़ने से उन्‍हें फिर से हथियार जुटाने में मदद मिलेगी। तीसरा कारण यह है कि सेना की कार्यवाही में बढ़ी संख्‍या में आतंकवादी मारे गए हैं, वे इस समय दबाव में हैं, ऐसे में अगर Ceasefire बढ़ाया गया तो उन्‍हें एकजुट होने का मौका मिल जाएगा। रमजान में सीजफायर के दौरान मात्र 26 दिनों के अंदर अब तक 20 आतंकवादी हमले हुए हैं। इन हमलों में अब तक 50 आम नागरिक और 64 जवान घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में 45 नए आतंकी भी भर्ती हुए हैं। बता दें कि अगले हफ्ते राजनाथ सिंह सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद इस सीजफायर जारी रखने या बंद करने पर फैसला करेंगे।
महबूबा मुफ्ती ने की थी Ceasefire की गुजारिश
2017 की शुरुआत में घाटी में आतंकी घटनाओं के बढ़ने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने वहां नए सिरे के आतंकियों की खोज का अभियान चलाया था। कहा जाता है कि ऐसा अभियान 15 साल बाद चलाया गया था। हालांकि, विपक्षी पार्टियों की बात सामने रखते हुए जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रमजान और अमरनाथ यात्रा के दौरान Ceasefire करने की गुजारिश की थी। फिर केंद्र सरकार ने कश्मीर में रमजान के महीने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सशर्त सीजफायर की घोषणा की थी।
हालांकि, अपने फैसले में सरकार ने यह भी कहा था कि भले ही जवानों को कोई नया ऑपरेशन शुरू ना करने के लिए कहा गया हो, लेकिन अगर उन पर कोई हमला किया जाता है तो वह इसका जवाब देने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। Ceasefire के दौरान आतंकी घटनाओं के बढ़ने पर बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने पिछले दिनों कहा था, ‘आतंकी संगठनों से जुड़ रहे युवाओं के बीच पाकिस्तान और जिहाद के प्रति इतना लगाव भर दिया जाता है कि रमजान में शांति बनाए रखने की जो कोशिश है उसका उन पर कोई असर नहीं होता। मतलब यह सब उनके लिए मायने ही नहीं रखता है।’
-एजेंसी

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