सिपाही औरंगजेब के परिजनों से मिले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत

जम्मू। सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शहीद हुए सिपाही औरंगजेब के परिवार से सोमवार को मुलाकात की। औरंगजेब को पुलवामा से 14 जून को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। उनका गोलियों से छलनी शव उसी शाम श्रीनगर से बरामद किया गया था।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि जनरल रावत ने शहीद के परिवार से मुलाकात करके उसे श्रद्धांजलि दी। शहीद सिपाही के पिता ने 32 घंटों के भीतर अपने बेटे की मौत का बदला लेने और सेना से आतंकवादियों को खत्म करने की अपील की। औरंगजेब सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थे। बता दें कि आतंकियों ने पुलवामा से औरंगजेब का अपहरण कर लिया था जब वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे। इसके बाद 14 जून को उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था।
बता दें कि आतंकियों ने पुलवामा से औरंगजेब का अपहरण कर लिया था जब वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे। इसके बाद 14 जून को उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था।
सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान औरंगजेब को बीते दिनों अगवा किया गया था, जिसके बाद आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी थी। आतंकियों ने उस वक्त औरंगजेब का अपहरण किया, जब वह ईद की छुट्टी लेकर अपने घर पुंछ लौट रहे थे। औरंगजेब उस कमांडो ग्रुप का हिस्सा थे, जिसने हिज्बुल कमांडर समीर टाइगर को मार गिराया था। 16 जून को उन्हें अंतिम विदाई दी गई थी।
आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल-आउट शुरू
उधर जम्मू-कश्मीर में रमजान के दौरान महीनेभर तक आतंक रोधी ऑपरेशन रोकने की मियाद केंद्र सरकार ने खत्म कर दी है। इसी के साथ राज्य में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन ऑलआउट एक बार फिर से शुरू हो गया है। एक महीने के ‘सीजफायर’ के दौरान राज्य में आतंकी वारदातों में तेजी और 28 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए केंद्र ने इसे आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था।
जवान और पत्रकार की हत्या से राज्य में स्थिति खराब
बता दें कि सेना ने भी केंद्र से ऑपरेशन रोकने की मियाद नहीं बढ़ाने की अपील की थी। ऑपरेशन रोकने के दौरान राज्य में आतंकी घटनाओं में वृद्धि ही हुई वहीं, पत्रकार शुजात बुखारी और जवान औरंगजेब की हत्या के बाद स्थिति ज्यादा खराब हुई। ‘रमजान सीजफायर’ के दौरान आतंकियों द्वारा ग्रेनेड फेकने और सुरक्षाबलों पर हमलों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई थी।
-एजेंसी

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