Army chief की पाक को चेतावनी, हम बालाकोट से भी आगे जा सकते हैं

चेन्‍नै। Army chief जनरल बिपिन रावत ने आज पाकिस्‍तान को स्‍पष्‍ट चेतावनी दी है कि हम बालाकोट से भी आगे जा सकते हैं।
दरअसल, पाकिस्तान ने भारत द्वारा ध्वस्त बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने को फिर से एक्टिव कर दिया है।
‘500 आतंकी भारत में घुसपैठ की फिराक में’
Army chief जनरल बिपिन रावत ने आज बताया कि पाकिस्तान ने जैश के आतंकी ठिकाने को फिर से सक्रिय करा दिया है। उन्होंने कहा कि कम से कम 500 आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश में है।
Army chief ने कहा, ‘जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्‍तान ने खुलेआम बोल दिया है कि हम आतंकी भेजेंगे। इसके लिए पाकिस्‍तान अक्‍सर सीजफायर उल्‍लंघन कर रहा है ताकि आतंकवादी आसानी से भारतीय क्षेत्र में घुस जाएं लेकिन जब जवान सीजफायर उल्‍लंघन से प्रभावित नहीं होते हैं तो पाकिस्‍तान नाग‍रिक ठिकानों पर गोले बरसाने लगता है।’
Army chief ने पाकिस्‍तान को चेतावनी दी कि हम बालाकोट से भी आगे जा सकते हैं। हम चाहते हैं कि दुश्‍मन केवल अनुमान लगाता रहे।
Army chief ने कहा कि पाकिस्‍तान के बालाकोट में स्थित आतंकी शिविर फिर से सक्रिय हो गया है। उन्‍होंने बताया कि हाल ही में इसे फिर से शुरू किया गया है।
यही नहीं, पीओके से 500 आतंकी भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं। Army chief ने कहा कि इन आतंकवादियों से निपटने के लिए सेना पूरी तरह से सक्रिय हैं ताकि घुसपैठ की कोशिश को विफल किया जा सके।
बता दें कि भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाकिस्‍तान में घुसकर बालाकोट आतंकी शिविर पर बम बरसाए थे। इसके बाद कई दिनों तक यह शिविर बंद रहा था।
धर्म गुरु इस्लाम का सही अर्थ बताएं
चेन्‍नै में मीडिया से बातचीत में Army chief ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि कुछ तत्‍व इस्‍लाम की गलत व्‍याख्‍या कर रहे हैं जो यह चाहते हैं कि अव्‍यवस्‍था पैदा हो और ऐसे तत्‍वों को बड़ी संख्‍या में लोगों द्वारा पाला जा रहा है। मैं समझता हूं कि यह महत्‍वपूर्ण है कि हमारे जो धर्म गुरु हैं, वे इस्‍लाम का सही अर्थ बताएं।’
Army chief जनरल रावत ने कहा कि इस्‍लाम का गलत इस्‍तेमाल किया जा रहा है और धर्म गुरुओं को इस्‍लाम का सही मतलब बताना चाहिए।
उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान ने अनुच्‍छेद 370 को हटाए जाने के बाद आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश और तेज कर दिया है।
जम्‍मू-कश्‍मीर में जनजीवन सामान्‍य
आर्मी चीफ ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में कोई कठोर प्रतिबंध नहीं है। वहां लोग रोजमर्रा का काम कर रहे हैं। लोग सेब तोड़ रहे हैं और उन्‍हें पैक कर रहे हैं। सेना इसे राज्‍य के बाहर पहुंचाने में मदद कर रही है। कुछ दुकानों के आगे के शटर बंद हैं लेकिन पीछे से उन दुकानों से खरीदारी हो रही है। ये दुकानें पीछे से खुली हैं। लोग प्‍लेन से लगातार आ जा रहे हैं। लोगों को आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आर्मी चीफ ने कहा कि कश्‍मीर घाटी में आतंकवादियों और उनके आकाओं के बीच संपर्क टूट गया है लेकिन लोगों के आपस में बातचीत पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
उन्‍होंने कहा कि वुहान समिट के बाद चीन के साथ सीमा पर एक व्‍यवस्‍था बनी है जो बहुत अच्‍छा काम कर रही है। अगर कोई गलतफहमी होती है तो बातचीत से हल किया जाता है। चीनी का सीमा को लेकर लेकर अलग दावा है और हमारा अलग। इस वजह से दोनों देशों के सैनिक अपनी मान्‍यता के हिसाब से गश्‍त लगाते हैं जिससे कई बार कुछ मतभेद हो जाता है। इसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाता है।
-एजेंसियां

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