सशस्त्र सीमा बल को मिलेगी intelligence शाखा

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सशस्त्र सीमा बल की पहली intelligence wing का कल शुभारंभ करेंगे। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अर्द्धसैनिक बल भूटान और नेपाल के साथ लगने वाली भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा का दायित्व संभालता है। इन सीमाओं का प्रयोग अकसर अपराधी और कश्मीरी शरणार्थी पाकिस्तान से भारत में प्रवेश करने के लिए करते हैं।

खुफिया विभाग में 650 फील्ड और स्टाफ एजेंट होंगे जो आवश्यक सूचनाएं एकत्र करेंगे।

गृहमंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि नेपाल और भूटान के साथ वीजा-मुक्त सहयोग होने के कारण अपराधियों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों का सीमा से आरपार आवागमन होता है, जो देश के लिए बड़ी चुनौती है।

वर्ष 2010 से अभी तक भारत-नेपाल सीमा के माध्यम से पाकिस्तान और पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर से करीब 230 कश्मीरी उग्रवादी घर वापस लौटे हैं।

उनके साथ उनकी पत्नियां और 88 बच्चे भी वापस लौटे हैं।

एक अन्य अधिकारी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि पूर्व उग्रवादियों, उनकी पत्नियों/ पतियों और बच्चों के पास भारत में प्रवेश करते समय यात्रा दस्तावेज नहीं थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी पहचान का पता लगाने के बाद सभी को हिरासत में लिया।

उन सभी की पृष्ठभूमि की सघन जांच, पिछली गतिविधियों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही उन्हें रिहा किया गया।

भारत भूटान सीमा पर अक्सर असम के उग्रवादी गुट एनडीएफबी के सदस्यों की आवाजाही होती है। यह गुट पूर्व में भूटानी नागरिकों पर हमले करता रहा है।

नेपाल के साथ भारत की 1,751 किमी और भूटान के साथ 699 किमी लंबी सीमा लगती है।
intelligence wing के बाद सीमा पर संदिग्‍ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
-एजेंसी