भारत की अंतरिक्ष यात्रा में 19 अप्रैल का दिन विशेष

नई दिल्‍ली। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को आज एक महाशक्ति के रूप में देखा जाता है। भारत ने अंतरिक्ष में सटीकता के साथ लक्ष्य भेदने की क्षमता हासिल करके एक बड़ा कारनामा अंजाम दिया।
उपग्रह प्रक्षेपण के क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज बहुत से देश कम लागत में अपने उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए भारत पर निर्भर करते हैं। देश के अंतरिक्ष के इस सफर में 19 अप्रैल का खास महत्व है। दरअसल, यही वह दिन है जब भारत ने रूस की मदद से अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लॉन्च कर अंतरिक्ष युग में प्रवेश किया। यह भारत का पहला वैज्ञानिक उपग्रह था।
देश-दुनिया के इतिहास में 19 अप्रैल की तारीख पर दर्ज विभिन्न घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा
1451: बहलोल लोदी ने दिल्ली पर कब्जा किया।
1770: कैप्टन जेम्स कुक आस्ट्रेलिया पहुंचने वाले पहले पश्चिमी व्यक्ति बने
1775: अमेरिकी क्रांति की शुरुआत।
1882: कलकत्ता में पहले प्रसूति अस्पताल की शुरुआत।
1910: हेली पुच्छल तारे को पहली बार सामान्य रूप से देखा गया।
1919: अमेरिका के लेस्ली इरविन ने पैराशूट से पहली बार छलांग लगाई।
1936: फिलिस्तीन में यहूदी विरोधी दंगे शुरू हुए।
1950: श्यामा प्रसाद मुखर्जी केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले पहले मंत्री बने।
1971: भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर टेस्ट क्रिकेट श्रृंखला जीती।
1972: बांग्लादेश राष्ट्रमंडल का सदस्य बना।
1975: भारत अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लॉन्च कर अंतरिक्ष युग में दाखिल हुआ। यह भारत का पहला वैज्ञानिक उपग्रह था।
2011: क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ क्यूबा की केन्द्रीय समिति में 45 वर्षों तक बने रहने के बाद इस्तीफा दिया।
-एजेंसियां

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