स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना को विद्युत नियामक आयोग की स्‍वीकृति

लखनऊ। बिजली उपभोक्ताओं को कनेक्शन के साथ स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना को विद्युत नियामक आयोग ने हां कर दी है। यूपी पावर कॉरपोरशन के प्रस्ताव को नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के हित में मानते हुए शुक्रवार को अपनी मंजूरी दे दी है। हालांकि आयोग ने इसके लिए कुछ शर्तें भी लगाई हैं।
केंद्र सरकार की उदय योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। यूपी में इस समय करीब 1.60 करोड़ उपभोक्ता हैं। पहले चरण में करीब 40 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। प्रदेश की राजधानी के सआदतगंज में इसका पायलट बेसिस पर ट्रायल भी किया जा चुका है। पूरी तरह योजना को लागू करने के लिए आयोग से मंजूरी लेनी जरूरी थी।
कॉरपोरेशन के प्रस्ताव को विस्तार से परीक्षण के बाद विद्युत नियामक आयोग ने शर्तों के साथ मंजूरी दी है। आयोग ने रोल आउट प्लान के परीक्षण में पाया कि इससे लाइन हानियां कम होंगी और बिलिंग गुणवत्ता में सुधार आयेगा।
उपभोक्ता को नहीं करना होगा भुगतान
रोल आउट प्लान के अंतर्गत जिन पुराने उपभोक्ताओं के मीटर बदले जाएंगे उन्हें स्मार्ट मीटर के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा। अधिक बिजली का बकाया होने पर बिजली विभाग दफ्तर से ही कनेक्शन काट सकेगा। ऐसे में बड़े बकायदारों पर लगाम और बिजली कनेक्शन काटने के दौरान होने वाले विवाद से भी निजात मिलेगी। प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर की स्थिति में उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग एवं बिलिंग स्वतः हो जाएगी और बिल जमा करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
इस व्यवस्था में लोड ज्यादा होने पर कार्यालय से उसको कंट्रोल किया जा सकेगा । इसमें एक सीमा के बाद मीटर में लोड जा ही नहीं पाएगा । अभी मई से लेकर सितंबर तक लोड काफी ज्यादा होता है। करीब 50 फीसदी उपभोक्ता अपने तय लोड से ज्यादा का बिजली इस्तेमाल करते है। शाम छह से रात 11 बजे तक लोड सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में जब भी लोड बढ़ेगा, उसे एक ही जगह से कंट्रोल किया जा सकेगा। जो स्मार्ट मीटर लगेंगे उसमें कनेक्शन को कभी भी प्रीपेड या पोस्टपेड में उपभोक्ता बदल सकेंगे।
उपभोक्ताओं का डेटा सुरक्षित रखें
आयोग ने पावर कॉरपोरेशन को साफ कहा है कि स्मार्ट मीटर के चलते उपभोक्ताओं के ऑनलाइन डेटा हर हाल में सुरक्षित रखे जाएं। मीटर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगे। कारपोरेशन ने बिलिंग दक्षता को 85% तक पहुंचाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन आयोग ने साफ कहा है कि जहां स्मार्ट मीटर लगेंगे वहां यह 98% से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही बिल वसूली का आंकड़ा 95% तक पहुंचाना होगा।
-एजेंसियां

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