Anupama हत्याकांड में इंजीनियर पति को उम्रकैद, पत्नी के शव के किए थे 72 टुकड़े

देहरादून। Anupama हत्याकांड में इंजीनियर पति को आज उम्रकैद की सजा सुनाई गई। देहरादून में सात साल पहले पत्नी की हत्या कर 72 टुकड़े करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति गुलाटी को कल गुरुवार को ही कोर्ट ने पत्नी की हत्या में दोषी करार दे दिया था।

Anupama murdere case engineer husband was sentenced to life imprisonment
Anupama हत्याकांड में इंजीनियर पति को उम्रकैद

आज कोर्ट में राजेश गुलाटी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के वकीलों ने सजा पर अपनी दलीलें दी। बचाव पक्ष ने जहां कम से कम सजा की मांग की। वहीं सरकारी वकील ने फांसी की सजा की मांग करते हुए अपनी दलीलें पेश की। कोर्ट ने इसके बाद कुछ देर के लिए प्रक्रिया रोक दी। फिर दोपहर ढाई फैसला सुनाया। इस दौरान राजेश गुलाटी को फिर से कोर्ट में लाया गया।

12 दिसंबर 2010 को सामने आई थी घटना

दिल दहला देने वाली यह घटना देहरादून के कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर (गोविंदगढ़) में 12 दिसंबर 2010 को सामने आई थी। यहां मित्तल अपार्टमेंट के फ्लैट में पत्नी और दो बच्चों संग रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी (38) ने 17 अक्तूबर 2010 को पत्नी अनुपमा (37) की हत्या कर दी। इसके बाद राजेश ने शव के 72 टुकड़े कर डीप फ्रीजर में डाल दिए और उन्हें एक एक कर ठिकाने लगाने लगा था।

12 दिसंबर से जेल में बंद है राजेश गुलाटी
पुलिस ने 12 दिसंबर, 2010 को ही आरोपी राजेश गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया था, तब से वह जेल में बंद है। इस हत्याकांड में करीब सात साल के ट्रायल के बाद गुरुवार को पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने राजेश गुलाटी को पत्नी अनुपमा की हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी माना और अदालत ने आज दोषी के खिलाफ फैसला सुनाया।

कब क्या हुआ
17 अक्तूबर 2010 को आपसी विवाद में की थी पत्नी की हत्या
12 दिसंबर 2010 को अनुपमा के भाई के देहरादून पहुंचने के बाद हुआ हत्या का खुलासा
31 अगस्त 2017 को देहरादून की जिला अदालत ने माना दोषी
01 सितंबर को कोर्ट में पहले वकीलों ने सजा पर दलीलें दी, फिर कोर्ट ने राजेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पौने दो महीने बाद हुआ था हत्या का खुलासा

लंबे समय तक बहन से संपर्क नहीं होने पर 12 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई सुजान कुमार प्रधान दून पहुंचा। यहां उसे अपार्टमेंट राजेश गुलाटी, उसके जुड़वा बच्चे सिद्धांत और सोनाक्षी मिले। अनुपमा को घर पर न पाकर सुजान ने बिंदाल चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी तो सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ।

1999 में की थी लव मैरिज

पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश ने अनुपमा से 10 फरवरी 1999 को लव मैरिज की थी। शादी के बाद वह 2000 में अनुपमा को साथ लेकर अमेरिका चला गया था। वहीं उसके दो बच्चे हुए। 2008 में अमेरिका से लौटकर दोनों दिल्ली आ गए। इसके बाद राजेश परिवार के साथ दून में रह रहा था।

देहरादून ही नहीं देश को भी दहला दिया

दूनघाटी की शांत फिजा में वर्ष 2010 में एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे देहरादून ही नहीं देश को भी दहला दिया। इंजीनियर राजेश गुलाटी ने बेरहमी से अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या की दी। उसने घर में ही इलेक्ट्रिक आरी से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। इन्हें बड़े फ्रीजर में डाला और धीरे-धीरे कर शव के टुकड़े जंगल में फेंकता गया। दिल दहला देने वाली यह घटना कैंट कोतवाली क्षेत्र में 11 दिसंबर 2010 को सामने आई थी। सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी पुत्र सतनाम गुलाटी मूल निवासी 141/1 फर्स्‍ट फ्लोर सत्य निकेतन नई दिल्ली यहां एक मकान में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था। 17 अक्टूबर 2010 को अनुपमा अचानक लापता हो गई।

दो माह तक पत्नी के मायके वालों को अंधेरे में रखा 

बच्चे जब भी राजेश से मां के बारे में पूछते तो वह कहता कि उनकी मां नाना-नानी के घर गई हुई है। करीब दो माह तक ऐसे ही चलता रहा। इस दरमियान मायके पक्ष के लोगों का अनुपमा से संपर्क नहीं हुआ तो 11 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई राजेश के प्रकाशनगर स्थित आवास पर पहुंचा, मगर उसे घर में नहीं घुसने दिया गया। यह सूचना उसने पुलिस को दी। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो एक कमरे में रखे डीप फ्रीजर से Anupama गुलाटी के लाश के टुकड़े मिले।

-एजेंसी