हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में ही एंटीबॉडी टेस्ट का फायदा: ICMR

नई द‍िल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की संयुक्त प्रेस वार्ता में आईसीएमआर के डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा, हमारे पास चीन की दो कंपनियों से कुल पांच लाख रैपिड जांच किट आई हैं। इन दोनों की जांच का तरीका अलग है। ये एंटी बॉडी की जांच के लिए हैं। ये रैपिड एंटी बॉडी जांच किट कोरोना की शुरुआती जांच के लिए बल्कि सर्विलांस के लिए उपयोग में लाई जाएगी। देश में अभी तक 2 लाख 90 हजार 401 लोगों की जांच की गई. इसमें से 30,043 टेस्ट बुधवार को किए गए. इसमें से 26,331 टेस्ट ICMR लैब और 3,712 टेस्ट प्राइवेट लैब में हुए।

हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में ही एंटीबॉडी टेस्ट का फायदा: ICMR
डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा कि हर क्षेत्र में एंटीबॉडी टेस्ट के इस्तेमाल का फायदा नहीं है। उनके अनुसार हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में ही इसके इस्तेमाल से फायदा होगा। उन्‍होंने कहा कि रैपिड कोविड-19 टेस्ट किट का इस्तेमाल प्रारंभिक निदान के लिए नहीं होगा. बल्कि इसका उपयोग निगरानी के उद्देश्‍य के लिए किया जाता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज बताया कि जिला स्तर पर कोविड-19 के प्रकोप के लिए बनाई जा रही योजना पर चर्चा की गई। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत को चीन की दो कंपनियों से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट सहित पांच लाख परीक्षण किट प्राप्त हुए हैं। इसे लेकर हुई प्रेस कांफ्रेंस में कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।

स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के लिए लोगों को लैब पर ही निर्भर रहना होगा, आम जन इस रैपिड टेस्ट की मांग न करें। इसका इस्तेमाल कोरोना की जांच के लिए नहीं बल्कि महामारी के प्रसार का पता लगाने के लिए किया जाता है।

इसके साथ ही डॉ. रमन ने कहा कि देश में हम 24 लोगों की जांच कर रहे हैं तब एक मरीज पॉजिटिव आ रहा है। जापान में यह आंकड़ा 11.7 जांच में एक पॉजिटिव का और इटली में हर 6.7 लोगों की जांच पर एक पॉजिटिव है। वहीं, अमेरिका में यह 5.3 और ब्रिटेन में 3.4 है।

– एजेंसी

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