रूस पहुँचते ही हिरासत में लिए गए पुतिन विरोधी विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी

मॉस्‍को। रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी और रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को रूस पहुँचते ही हिरासत में ले लिया गया.
वो पाँच महीने बाद जर्मनी से मॉस्को पहुँचे थे. पिछले साल उन पर नर्व एजेंट से हमला हुआ था और मरते-मरते बचे थे.
उनका इलाज जर्मनी में हुआ था. 44 साल के नवेलनी को पुलिस अपने साथ पासपोर्ट कंट्रोल से अलग ले गई. बर्लिन से आई नवेलनी की फ्लाइट को मॉस्को के एक एयरपोर्ट से दूसरे एयरपोर्ट पर ले जाया गया. ऐसा भीड़ को देखते हुए किया गया.
कई लोग मानते हैं कि नवेलनी की जान लेने की कोशिश के पीछे रूस की सरकार थी. कुछ खोजी पत्रकारों ने भी इन दावों का समर्थन किया था लेकिन रूस की सरकार ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया था.
हिरासत में लिए जाने से कुछ मिनट पहले नवेलनी ने मॉस्को में शेरेमेत्येवो एयरपोर्ट पर अपने समर्थकों और मीडिया से कहा, ”मुझे पता है कि मैं सही हूँ. मुझे किसी भी चीज़ का डर नहीं है. मेरे ख़िलाफ़ सभी आपराधिक मुक़दमे झूठे हैं.”
नवेलनी के वकीलों को उनके साथ नहीं जाने दिया गया. नवेलनी ने अपनी पत्नी युलिया को किस किया- जो जर्मनी से फ्लाइट में साथ आई थीं. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को धमकी दी कि आदेश नहीं माना गया तो बल का इस्तेमाल किया जाएगा. रविवार को एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी.
इससे पहले रविवार को मॉस्को में वनुकोव एयरपोर्ट के भीतर मेटल के बैरिअर लगा दिए गए थे. नवेलनी की फ्लाइट प्लान के मुताबिक़ यहीं लैंड करने वाली थी. रूसी मीडिया के अनुसार कई एक्टिविस्टों को भी हिरासत में लिया गया है.
इनमें नलेवनी के अहम सहयोगी ल्युबोव सोबोल भी शामिल हैं. नवेलनी की प्रवक्ता किरा यार्मिश ने एयरपोर्ट पर पुलिस कार की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी.
नवेलनी का इलाज जर्मनी में हुआ है और अब वो ठीक हो गए हैं. उनके रूस पहुँचने को लेकर समर्थकों में उत्साह था. फ़ेसबुक पर रूसी भाषा में एक पेज भी बना दिया था जिसमें नवेलनी के रूस आने पर उनसे मिलने की अपील की गई थी. कड़ाके की ठंड और कोविड महामारी के बावजूद हज़ारों लोगों ने नवेलनी के मिलने की इच्छा ज़ाहिर की थी.
पिछले साल अगस्त महीने में नवेलनी साइबेरिया में एक फ्लाइट में बेहोश हो गए थे. बाद में पता चला कि उन्हें ज़हर दिया गया था. रूस के अधिकारी नवेलनी को ज़हर देने के आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं. नवेलनी ने दावा किया था कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति पुतिन के आदेश पर ज़हर दिया गया था.
नवेलनी को हिरासत में क्यों लिया गया?
रूसी अधिकारियों ने नवेलनी को चेताया था कि दिसंबर में उन्हें हाजिर होना था लेकिन उन्होंने इसकी उपेक्षा की इसलिए आने पर जेल जाना पड़ सकता है. नवेलनी को एक धोखाधड़ी केस में दोषी ठहराया गया है और जेल सर्विस का कहना है कि उन्होंने अपने ऊपर लगी पाबंदियों का उल्लंघन किया है.
नवेलनी हमेशा से कहते आए हैं कि उन पर सारे मुक़दमे राजनीति से प्रेरित हैं. रूसी जांच कमेटी ने भी उनके ख़िलाफ़ धोखाधड़ी के मामले में नया आपराधिक मुक़दमा शुरू किया है. उन पर कई एनजीओ को पैसा ट्रांसफर करने का आरोप है. इनमें उनका एंटी-क्रप्शन फाउंडेशन भी शामिल है.
नवेलनी का कहना है कि ये सब पुतिन करवा रहे हैं क्योंकि उन्हें विपक्ष पंसद नहीं है. बर्लिन एयरपोर्ट पर दुनिया भर के न्यूज़ मीडिया के लोग इकट्ठा थे ताकि नवेलनी को वहाँ से मॉस्को जाते वक़्त कवर किया जा सके लेकिन रूसी फेडरल टीवी चैनल और न्यूज़ एजेंसियों ने उनकी वापसी को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया.
एलेक्सी नवेलनी ने अपने समर्थकों से रविवार को वनुकोवो एयरपोर्ट पर आकर मिलने की अपील की थी. बड़ी संख्या में भीड़ ऐसा करती भी. नवेलनी के रूस आने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता थी.
नवेलनी को रूस में पुतिन के लिए चुनौती के तौर पर देखा जाता है. नवेलनी को ज़हर देने के आरोपों पर रूस के अधिकारी सबूत देने की माँग करते रहे हैं. दिसंबर में पुतिन ने कहा था कि नलेवनी कुछ भी नहीं हैं. उन्होंने कहा था कि अगर रूसी सुरक्षा बल उन्हें ज़िंदा नहीं देखना चाहते तो ऐसा करना कोई मुश्किल काम नहीं था.
नवेलनी को ज़हर दिए जाने के बाद रूस में सड़कों पर कोई विरोध नहीं हुआ था. वो हमले के बाद लंबे समय तक विदेश में रहे इसलिए भी रूस में इसका कोई ख़ास असर नहीं हुआ. हालाँकि नवेलनी हमेशा से लौटने की बात करते रहे जबकि उन्हें पता था कि उनकी जान को ख़तरा है.
-BBC

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