मुल्‍ला नसरुद्दीन का जवाब

कई बार सवाल और जवाब दोनों इतने उलझे हुए होते हैं कि सवाल करने वाले तथा जवाब देने वाले, दोनों को ही समझने में वक्‍त लग जाता है।
जरा विचार कीजिए कि कहीं हम भी तो अपने सवाल इस तरह नहीं पूछते।
मुल्‍ला नसरुद्दीन के पास एक आदमी आया और पूछने लगा- क्‍यों मियां, तुम दाड़ी कब बनाते हो?
मुल्‍ला बोला- यही, दिन में कोई 20-25 बार।
उस आदमी ने मुल्‍ला से कहा- मियां, क्‍यों बेवकूफ बनाते हो। कोई एक दिन में 20-25 बार दाड़ी बनाता है क्‍या।
इस पर मुल्‍ला का जवाब था- औरों की तो मैं कह नहीं सकता लेकिन मैं जरूर बनाता हूं क्‍योंकि मैं पेशे से नाई हूं।
अब सवाल करने वाले का चेहरा देखने लायक था।