साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव आयोग से एक और नोटिस जारी

भोपाल। भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव आयोग से एक और नोटिस दिया गया है।
यह नोटिस साध्वी के उस बयान पर दिया गया है कि जिसमें उन्‍होंने कहा था कि वह न सिर्फ बाबरी मस्जिद के ऊपर चढ़ी थीं बल्कि उसे गिराने में भी मदद की थी।
चुनाव आयोग ने इस बयान पर तुरंत ऐक्शन लेते हुए साध्वी प्रज्ञा को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए नोटिस थमा दिया। इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी एल कांता राव ने चेतावनी देते हुए सभी राजनीतिक दलों को एक सलाह भी जारी की। उन्होंने कहा, ‘बार-बार चुनाव और आचार संहिता के उपयोग और उपयोग के मॉडल कोड का उल्लंघन व अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने की वजह से कड़ी कार्यवाही भी हो सकती है।’
‘मैंने ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ा था’
साध्वी प्रज्ञा ने शनिवार को भोपाल में कैंपेन के दौरान एक टीवी चैनल पर बाबरी मस्जिद को लेकर यह टिप्पणी की और इसकी वजह से एक बार फिर बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना राजनीतिक गलियारों में ताजा हो गई।
टीवी चैनल से साध्वी प्रज्ञा ने कहा था, ‘राम मंदिर निश्चित रूप से बनाया जाएगा। यह एक भव्य मंदिर होगा।’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह राम मंदिर बनाने के लिए समय-सीमा बता सकती हैं, तो प्रज्ञा ने कहा कि ‘हम मंदिर का निर्माण करेंगे। आखिरकार, हम ढांचा (बाबरी मस्जिद) को ध्वस्त करने के लिए भी तो गए थे।’
साध्वी प्रज्ञा ने बाबरी मस्जिद में अपनी अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा, ‘मैंने ढांचे पर चढ़कर तोड़ा था। मुझे गर्व है कि ईश्वर ने मुझे अवसर दिया और शक्ति दी और मैंने यह काम कर दिया। अब वहीं राम मंदिर बनाएंगे।’
इससे पहले प्रज्ञा ने एटीएस के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे पर यातना देने का आरोप लगाते हुए कहा था, ‘मैंने उनको सर्वनाश होने का श्राप दिया था।’ दरअसल, प्रज्ञा 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर चल रही हैं। इस मामले की जांच करकरे के नेतृत्व में हुई थी। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर हमले किए थे। उसी दौरान करकरे और मुंबई पुलिस के कुछ अन्य अधिकारी शहीद हो गए थे।
राजनीतिक पार्टियों के लिए एडवाइजरी जारी
साध्वी के इस बयान के चंद घंटों के अंदर ही चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस थमा दिया। नोटिस दिए जाने से पहले सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक अडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें कहा गया, ‘एक-दूसरे के प्रति जो ढेरों शिकायतें मिल रही हैं वे इस ओर साफ-साफ इशारा कर रही हैं कि नेता भड़काऊ और विवादित बयान दे रहे हैं, जिससे समाज में नफरत और असंगति फैल सकती है।
-एजेंसियां

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