प्री-एक्टिवेटेड सिम के जरिए ठगी करने वाले चीनी गिरोह का एक और सदस्‍य गिरफ्तार

लखनऊ। प्री-एक्टिवेटेड सिम के जरिए साइबर ठगी, ऑनलाइन खाते खोलने और कार्डलेस ट्रांजेक्शन करने वाले चाइनीज गैंग ने कपड़ों के पार्सल में हजारों प्री-एक्टिवेटेड सिम छिपाकर चाइना भेजे हैं। मुंबई के ठाणे से गिरफ्तार अब्दुल रज्जाक से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। यूपी एटीएस अब्दुल रज्जाक को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर आ रही है।
एटीएस के मुताबिक एडीजी एलओ प्रशांत कुमार ने रज्जाक पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। रज्जाक के खिलाफ एनबीडब्ल्यू, 82सीआरपीसी वॉरंट व ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया था। एटीएस के मुताबिक चीनी जूनवेई हॉन उर्फ जेम्स, उसकी पत्नी युन ताइ तियान उर्फ वीविया, जू जुनफू व ली तेंग ली उर्फ एलिस गुरुग्राम स्थित होटल स्टार स्प्रिंग के जरिए होटल के निदेशकों प्रशांत पोट्टेल्ली और अब्दुल रजाक, अब्दुल नबी मेमन की मदद से हजारों प्री-एक्टिवेटेड सिम बेचे गए।
ये लोग सिम कार्डों को कपड़ों के पार्सल में छिपा कर चाइनीज संदिग्ध व्यक्तियों को कोरियर से चीन भेजा करते थे। इन सिम कार्डों के जरिये वॉट्सऐप एक्टिवेशन ओटीपी जेनरेट कर वॉट्सऐप, वी चैट पर युन ताइ तियान व अन्य व्यक्तियों को शेयर किए गए। एटीएस इस मामले में चार चीनी नागरिकों समेत 22 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है। पूर्व में पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ एटीएस 2151 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुका है। इस मामले में मुख्य आरोपी युन ताइ तियान उर्फ वीविया अभी तक हाथ नहीं लगी है। मामले के खुलासे के बाद वह चीन भाग गई थी।
-एजेंसियां

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