वेनेज़ुएला को कंगाली से बचाने के लिए वर्चुअल करेंसी बनाने की घोषणा

वेनेज़ुएला को कंगाली से बचाने के लिए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने नई वर्चुअल करेंसी (मुद्रा) बनाने की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि इस नई मुद्रा का इस्तेमाल वेनेज़ुएला का तेल, गैस, सोना और हीरा उद्योग कर सकेंगे.
हालांकि, विपक्ष इस योजना से खुश नहीं है.
तेल राजस्व और मौजूदा मुद्रा बोलिवर की गिरती क़ीमतों ने वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है.
राष्ट्रपति मादुरो ने अमरीकी प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ भी आवाज़ उठाई है और उसे बड़ी रुकावट बताया है.
रविवार को टीवी पर की गई घोषणा में मादुरो ने कहा कि नई वर्चुअल मुद्रा वेनेज़ुएला को पैसे के लेन-देन और रुकावटों से निपटने और आर्थिक तौर पर अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करेगी.
उन्होंने उत्साहित समर्थकों से कहा कि, “21वीं सदी आ चुकी है.”
भारी विदेशी कर्ज़ में है वेनेज़ुएला
मादुरो ने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि ये नई करेंसी कब और कैसे लॉन्च की जाएगी.
यह कदम दुनिया भर में वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन में बढ़ रही दिलचस्पी को देखते हुए उठाया गया है.
एक अमरीकी नियामक ने कहा है कि इससे पारंपरिक लेनदेन की शुरुआत बिटक्वाइन से होने वाले व्यापार में हो जाएगी, हालांकि वर्चुअल करेंसी अभी परिवर्तनशील साबित हो रही है.
वेनेज़ुएला पर करीब 14,000 करोड़ डॉलर यानी 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी कर्ज़ है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मादुरो नई वर्चुअल करेंसी पेट्रो से कर्ज़ चुकाने की सोच रहे हैं.
विपक्ष का कहना है कि प्रस्तावित नई करेंसी को कांग्रेस के समर्थन की आवश्यकता होगी जिसके मिलने की उम्मीद कम है.
ख़राब माली हालत से जूझ रहा है वेनेज़ुएला
विपक्षी सांसद और अर्थशास्त्री एंजेल अलवाराडो ने कहा, “मादुरो अजीब व्यवहार कर रहे हैं. इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है.”
वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था हमेशा यहां की तेल संपदा पर निर्भर रही है लेकिन तेल के दामों में आई गिरावट के चलते देश को आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.
सरकार की दमनकारी नीतियों का हवाला देते हुए अमरीका और यूरोपीय संघ ने वेनेज़ुएला पर कई प्रतिबंध लगाए हैं.
-एजेंसी