पिछले साल 9 नवंबर को ही सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने सर्वसम्‍मति से सुनाया था फैसला… अयोध्या ही है भगवान श्रीराम की जन्मभूमि

नई द‍िल्ली। आज ही आया था सुप्रीम कोर्ट का ऐत‍िहास‍िक फैसला, जी हां… देश के इतिहास में बड़े फैसलों में राम जन्मभूमि केस को याद किया जाता है। आज ही के दिन पिछले साल 9 नवंबर को देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है। सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिनों की लगातार सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था, इसी के साथ 500 सालों का बहुप्रतिक्षित मंदिर निर्माण शुरू होने का सपना भी पूरा हो गया था। बीते 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों से राम मंदिर निर्माण में लगने वाली प्रथम 9 शिलाओं का पूजन किया और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया। भले ही जिला प्रशासन ने फैसले की पहली वर्षगांठ पर कोई भी कार्यक्रम पर रोक लगा रखी हो, लेकिन वर्तमान में अयोध्या दीपोत्सव की तैयारी में जुटी है।

शहर को सजाया जा रहा है। इस बार भी शहरवासियों को उम्मीद है कि अयोध्या को संवारने के लिए कई परियोजनाओं की घोषणाएं हो सकती हैं। इस बार 5.51 लाख दिए जलाकर अपना पिछला रिकॉर्ड अयोध्या फिर तोड़ेगी। पिछले साल 4 लाख से अधिक दीप जलाए गए थे। रामनगरी के वासी हर्षोल्लास से भरे हैं, लेकिन इन सबके बीच कई लोग हैं, जिन्हें इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने की अभी कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। तो आइए जानते हैं एक साल में अयोध्या कितनी बदल गई है?

अब तक राम मंदिर में निर्माण कहां तक पहुंचा?

देश की शीर्षस्थ अदालत के फैसले से उम्मीद थी कि राम मंदिर का निर्माण तेजी से शुरू होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निर्माण एजेंसी एलएंडटी व सोमपुरा की कंपनी को मंदिर निर्माण पूरा करने के लिए तीन साल का जो समय दिया है, उसमें मंदिर खड़ा हो जाएगा। लेकिन इसके निर्माण की गति बहुत धीमी है। अभी मंदिर के नींव के 12टेस्ट पिलर्स की मजबूती व लोड क्षमता की ही टेस्टिंग चल रही है। मंदिर के नींव के 1200 पिलर्स का निर्माण 15 अक्टूबर से शुरू करने का ऐलान ट्रस्ट ने किया था, लेकिन यह अभी भी शुरू नहीं हो सका है। निर्माण इकाई के इंजीनियरों का ही कहना है कि मंदिर के नींव के पिलर्स का ही काम पूरा होने में 5 माह का समय लग जाएगा। उसके बाद पत्थरों का काम शुरू होगा। मंदिर के आर्किटेक्ट निखिल सोमपुरा का कहना है कि सबकुछ ठीक रहा तो ढाई साल में पत्थरों का काम पूरा हो जाएगा। इस बीच मंदिर माडल में विस्तार होने के कारण 2 लाख घन फीट पत्थरों की और जरूरत पड़ेगी। जो राजस्थान के भरतपुर के पत्थरों की खान से आने हैं। उनकी भी सप्लाई पर कांग्रेस सरकार ने रोक लगा रखी है। ऐसे में मंदिर का निर्माण बाकी बचे ढ़ाई साल में पूरा होगा। इसको लेकर मंदिर ट्रस्ट के लोगों में ही आशंका है।

10 माह पहले 12,370 करोड़ की सड़क बनाने का हुआ था ऐलान

राममंदिर केस में फैसला आने के बाद से ही यूपी सरकार और केंद्र सरकार का फोकस अयोध्या पर बढ़ गया है। फरवरी 2020 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अयोध्या पहुंचे थे और 6 परियोजनाओं का शिलान्यास किया था लेकिन अभी तक सिर्फ एक परियोजना का टेंडर हुआ है। जबकि अभी जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा है। इस सवाल पर अयोध्या सांसद लल्लू सिंह कहते हैं कि जिन परियोजनाओं का काम शुरू नहीं हुआ है। उसका डीपीआर तैयार हो रहा है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। उनका कहना है कि केंद्र के साथ साथ प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, ऐसे में राममंदिर का काम रुकना नहीं है।

इन सड़कों का शिलान्यास किया गया था

7,195 करोड़ रुपए: 63.2 किमी नेशनल हाईवे रायबरेली तक।
1081 करोड़ रुपए: अयोध्या-अकबरपुर हाईवे का निर्माण काम शुरू होने वाला है।
1289 करोड़ रुपए: 49 किमी लंबी फोरलेन अयोध्या रिंग रोड की योजना का काम शुरू नहीं।
2750 करोड़ रुपए: 84 कोसी परिक्रमा प्रोजेक्ट में 275किमी का निर्माण मगर काम शुरू नहीं हुआ है।
55 करोड़ रुपए: लखनऊ से अयोध्या हाई वे का सौंदर्यीकरण मगर काम शुरू नहीं हुआ, जिसमें फ्लाई ओवर पर ग्रीनरी की योजना है।
अयोध्या को हाईटेक बनाएगी ये परियोजनाएं

राम की पैड़ी पर बगल जिले गोंडा से आए श्याम सिंह अपने मित्र के साथ घूम रहे हैं। पूछने पर कहते हैं कि फैजाबाद काम से आया था तो सोचा रामजी के दर्शन करता चलूं। अयोध्या कितनी बदली के सवाल पर कहते हैं कि अयोध्या बहुत बदल गयी। जो सरयू हमेशा गंदी रहती थी, बदबू आया करती थी, वहां शाम को लोग परिवार के साथ आना पसंद करते हैं तो और क्या चाहिए। जिस शहर को सिर्फ विकास की उम्मीद थी वहां एयरपोर्ट बन रहा है। धीरे धीरे विकास होगा। राम का मंदिर बनेगा तो सब बढ़िया ही होगा। हालांकि श्याम सिंह को बहुत योजनाओं की जानकारी नहीं है, लेकिन हकीकत यही है कि जो योजनाएं जमीन पर दिख रही हैं, लोग उन्ही की चर्चा भी कर रहे हैं।

अयोध्या की बड़ी परियोजनाएं

600 एकड़ में अंतर राष्ट्रीय एयर पोर्ट: 525 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं, जिसमें से 300 करोड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण में खर्च हुआ। बाकी जमीन अधिग्रहण का काम जारी है। एक गांव के कुछ किसानों ने मुआवजे के कम रेट को लेकर विरोध जताया, जिससे अधिग्रहण में थोड़ी रूकावट भी आई।
108 करोड रुपए का आधुनिक सुविधाओं से लैस अयोध्या का नया रेलवे स्टेशन। काम चल रहा है। लेकिन गति धीमी है।
21करोड़ रुपए से सरयू तट पर कोरिया की रानी हो का पायलट प्रोजेक्ट का विस्तारीकरण। केवल 20 फीसदी काम ही पूरा। पिछले साल दीपोत्सव में हुआ था शिलान्यास।
251 मीटर प्रभु राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम ही नहीं शुरू हुआ। इसकी घोषणा सीएम योगी आदित्यनाथ ने 4 साल पहले प्रथम दीपोत्सव के बाद की थी।
नगर निगम की योजनाओं का हाल है बुरा

अयोध्या बढ़ रही है, विकसित हो रही है। जिम्मेदारों का कहना है कि विकास में समय लगता है, लेकिन विश्वास रखे सब बेहतर होगा। सीएम योगी लगातार अयोध्या पर नजर बनाए हुए हैं। बीच बीच में दौरा भी करते हैं। दीपोत्सव में वह एक बार फिर जाने वाले हैं, लेकिन नगर निगम काफी सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

नगर निगम की परियोजनाएं

1100 एकड़ में श्रम अयोध्या का निर्माण। अभी भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन हुआ है। 50 किसानों ने जमीन देने में विरोध भी जताया है।
343 गांवों को जोड़ कर अयोध्या का विस्तारीकरण। इसमें गोंडा जिले के कई गांव शामिल हैं। नगर निगम का प्रस्ताव का प्रदेश सरकार में अनुमोदन में पड़ा है।
100 कमरे का स्टूडियो अपार्टमेंट। हरिद्वार की शैली पर बाहर के पर्यटकों के लिए किराए पर वन रूम फ्लैट की योजना। जिसमें 100 फ्लैट का निर्माण होना है।
84 कोसी परिक्रमा मार्ग। इस पर पड़ने वाले तीर्थ स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना। जिससे यहां कम से कम तीन दिनों तक बाहरी पर्यटकों का ठहराव हो सके।

जल्द बदलेगी अयोध्या की तस्वीर

अयोध्या के लोग इस बात से तो खुश हैं कि अब धार्मिक नगरी केंद्र वे प्रदेश सरकार के विकास के नक्शे पर है। पर सुस्त गति से योजनाओं पर हो रहे काम को लेकर सरकारी मशीनरी से नाराजगी भी दिख रही है। टेढ़ी बाजार के हरिकृष्ण कहते हैं कि योजनाओं को जमीन पर दिखना चाहिए। करोड़ों की योजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ है। इतना जरूर है कि योजनाओं के पूरा होने पर अयोध्या की तस्वीर ही बदल जाएगी। अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास कहते हैं कि केंद्र व प्रदेश में राम भक्त सरकारें हैं। योजनाओं के जमीन में उतरने में देरी हो सकती है पर सरकार की नीयत पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते।

ये काम हुए हैं पूरे

35 करोड़ रुपए से सरयू नदी के गुप्तार घाट का विस्तार व सौंदर्यीकरण। 95 फीसदी काम पूरा।
10 करोड़ रुपए से लक्ष्मण किला घाट का विस्तार व सौंदर्यीकरण। 95 फीसदी काम पूरा।
22 करोड़ रुपए से भजन स्थल सरयू तट पर। काम पूरा।
टूरिस्ट शेल्टर दिगंबर अखाड़ा। काम पूरा।
अत्याधुनिक बस स्टेशन। काम लगभग पूरा।
राम की पैड़ी फेज 2 का काम लगभग पूरा। पैड़ी में अनवरत जल प्रवाह शुरू हो गया है।
– Legend News

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