जस्टिस के एम जोसेफ का वरिष्ठता क्रम घटाने के केंद्र के फैसले पर नाराजगी

नई दिल्‍ली। जस्टिस के एम जोसेफ का वरिष्ठता क्रम घटाने के केंद्र सरकार के फैसले से सुप्रीम कोर्ट के कई जज नाराज हैं। सोमवार को इस बाबत SC के कुछ जजों ने भारत के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मुलाकात कर सरकार के इस फैसले पर अपना विरोध दर्ज कराया। आपको बता दें कि जस्टिस जोसेफ मंगलवार को दो अन्य जजों के साथ सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ लेने वाले हैं।
सुप्रीम कोर्ट में उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि दिन के कामकाज की शुरुआत से पहले चाय के दौरान जजों ने CJI से मुलाकात की। इनमें जस्टिस एम बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ भी शामिल थे, जो कलीजियम के सदस्य हैं। चीफ जस्टिस के बाद सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस रंजन गोगोई वहां मौजूद नहीं थे क्योंकि वह सोमवार को छुट्टी पर थे।
सूत्रों ने कहा कि चीफ जस्टिस ने जजों को आश्वस्त किया है कि वह जस्टिस गोगोई के साथ परामर्श करेंगे और केंद्र के साथ इस मामले को उठाएंगे। आपको बता दें कि तीन जजों की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नति को लेकर केंद्र सरकार ने बीते शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें जस्टिस के एम जोसेफ को वरिष्ठताक्रम में तीसरे नंबर पर रखा गया है।
नोटिफिकेशन में मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस, जस्टिस इंदिरा बनर्जी का नाम पहले नंबर है जबकि दूसरे नंबर पर ओडिसा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, जस्टिस विनीत शरण का नाम है। आपको बता दें कि जस्टिस जोसेफ की टॉप कोर्ट में पदोन्नति को लेकर पिछले कुछ समय से कलीजियम और केंद्र के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी।
दरअसल, उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस जोसेफ ने उस पीठ का नेतृत्व किया था जिसने 2016 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को निरस्त कर दिया था। उत्तराखंड में उस समय कांग्रेस की सरकार थी। सरकार के फैसले को इससे जोड़कर देखा जा रहा था।
-एजेंसियां

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