कम्युनिस्टों के षडयंत्र से हिंदुओं में आक्रोष‍, छेड़ा विश्‍वव्यापी आंदोलन

कम्युनिस्टों द्वारा विश्‍व स्तर पर हिन्दू विरोधी कार्यक्रम ‘डिसमेन्टलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व’ के एक एजेंडे के तहत आयोजि‍त क‍िया जा रहा है, ज‍िसे लेकर अब ह‍िंदू संगठनों में रोष है।

Anger over anti-Hindu program of communists, Hindus launched a worldwide movement

भारत की कम्युनिस्ट और साम्यवादी विचारधारा के कट्टर समर्थक कविता कृष्णन, आनंद पटवर्धन, नलिनी सुंदर, नेहा दीक्षित, मीना कंदासामी इत्यादि वक्ता इस कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। साथ ही इसमें विश्‍व के 40 से अधिक विद्यापीठ भी सहभागी होने का दावा आयोजकों ने किया है परंतु पूर्ण विश्‍व के हिंदुओं के तीव्र विरोध के कारण इनमें से अनेक विद्यापीठों ने ‘हमारा इस कार्यक्रम से कोई भी संबंध नहीं’, ऐसा घोषित कर इस कार्यक्रम से पल्ला झाड़ लिया है।

वैश्‍विक स्तर पर हिन्दू द्वेष फैलाने वाले इस षड्यंत्रकारी कार्यक्रम का भारत सरकार विरोध करे, साथ ही कार्यक्रम में प्रायोजक बनी सहभागी भारतीय वस्तुओं पर भी कार्यवाही की जाए, इसी मांग के साथ पूरे विश्‍व के हिंदुओं ने आंदोलन किया। इस विश्‍वव्यापी आंदोलन में 13 देश, 23 राज्य और 400 गांवों के हिन्दू सहभागी हुए हैं। साथ ही इस आंदोलन के अंतर्गत 44 स्थानों पर प्रत्यक्ष तथा 206 स्थानों से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री जयशंकर को ऑनलाइन निवेदन भेजे गए हैं।

इस आंदोलन में हिन्दू जनजागृति समिति सहित पूरे देश के 32 से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन और हिन्दू धर्माभिमानी सहभागी हुए ।

‘हिन्दू विरोधी प्रचार का वैश्‍विक षड्यंत्र’ विषय पर ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद

इस कार्यक्रम द्वारा रचा जा रहा षड्यंत्र सामने लाने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति ने ‘हिन्दूविरोधी प्रचार का वैश्‍विक षड्यंत्र’ इस विषय पर ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद आयोजित किया। इसमें इंग्लैंड के हिन्दू दार्शनिक और भारतीय संस्कृति के अध्यापक पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि पहले जिन ईसाईयों और कम्युनिस्टों ने पूरे विश्‍व में बड़ी मात्रा में नरसंहार किया, उन्हें अब सत्य इतिहास सामने आने का भय सताने लगा है।

यूरोप और अमेरिका में लोग अब योग, आयुर्वेद के अनुसार आचरण कर हिन्दू संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं इसीलिए ‘डिसमेन्टलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व’ की यह हिन्दू विरोधी परिषद वास्तव में हिन्दू धर्म को दुष्प्रचारित (बदनाम) करने का षड्यंत्र है। इसी कारण उन्होंने 9/11 को जानबूझकर परिषद हेतु चुना है क्योंकि यह दिन अमेरिका का दु:खद और आतंकवाद को विरोध करनेवाला दिन है। इस कालावधि में हिन्दू विरोधी परिषद आयोजित करने का उद्देश्य आतंकवाद और हिन्दू धर्म का संबंध जोड़ना तथा पूर्ण विश्‍व में हिन्दू द्वेष फैलाना है। यह उनका पुराना धंधा है। हिन्दुओं द्वारा संगठित विरोध करने पर ही उनका षड्यंत्र असफल होगा और उनका अनेक वर्षों पुराना धंधा समाप्त होगा ।

प्रसिद्ध लेखिका और ‘मानुषी’ मासिक की संस्थापक-संपादिका मधु पूर्णिमा किश्‍वर ने कहा कि पाश्‍चात्य देशों में पहले से ही हमारे पुरातन ज्ञान परंपरा व ज्ञान को लेकर हीनभावना थी। इसलिए हिंदुओं के विरोध में घृणा फैलाई जाती है। एक को ‘गजवा-ए-हिंद’, तो दूसरे को ‘रोम राज्य’ लाना है, यह अब छुपा हुआ नहीं है। हिन्दू धर्म को दुष्प्रचारित (बदनाम) करने के प्रयासों का विरोध करना होगा।

सिडनी, ऑस्‍ट्रेलिया के विचारक डॉ. यदु सिंह ने कहा कि हिन्दू, हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व यह अलग न होकर एक ही है परंतु उन्हें विभाजित कर हिन्दू विरोधी हिन्दुत्व के नाम पर पूरे हिन्दू धर्म को निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिका में परिषद के आयोजक हिन्दू धर्मद्वेषी हैं। अमेरिका और कनाडा के विद्यापीठ इस हेतु धन दे रहे हैं। हिन्दुओं को अब दृढ़तापूर्वक संगठित होकर उनका वैचारिक स्तर पर विरोध करना चाहिए।

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे ने कहा कि वैश्‍विक स्तर पर अब हिन्दुओं को संगठित होना चाहिए, साथ ही भारत सरकार को भी अपनी राजनीतिक शक्ति का उपयोग कर हिन्दू विरोधी कार्यक्रम रद्द करने के प्रयास करने चाहिए।
सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने कहा कि वैश्‍विक शक्तियां यह जानती हैं कि आचरण और तत्त्वज्ञान के आधार पर हम ‘हिन्दुत्व’ को कभी भी पराजित नहीं कर सकते इसलिए हिन्दुत्व को आतंकवादी, जातीयवादी, यौन अत्याचारी इत्यादि दिखाकर कलंकित करने का षड्यंत्र है अमेरिका में होनेवाली हिन्दू विरोधी परिषद।

‘ट्वीटर’ पर भी ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व’ कार्यक्रम का जोरदार विरोध

इस ‘विशेष संवाद’ के पूर्व ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व’ इस हिन्दू विरोधी कार्यक्रम का ‘ट्वीटर ट्रेंड’ द्वारा भी भारी विरोध किया गया। इस समय अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, नेदरलैंड, कनाडा, ऑस्‍ट्रेलिया, कतर, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल इत्यादि देशों के हिन्दु सहभागी हुए। #DGH_Panelists_Hindu_Haters इस ‘हैशटॅग’ का उपयोग कर 81 हजार से अधिक ट्वीट किए गए। इसके फलस्वरूप ‘ट्वीटर’ पर यह हैशटॅग प्रथम क्रमांक पर था। इस हिन्दू विरोधी कार्यक्रम का विरोध करने हेतु हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा Hindujagruti.org जालस्थल (वेबसाईट) पर ‘ऑनलाइन पिटीशन’ रखी गई है, जिस पर अभी तक 2750 से अधिक लोग ई-मेल के माध्यम से सहभागी हुए हैं । यह पिटीशन http://HinduJagruti.org/protest-dgh इस लिंक पर उपलब्ध है। समिति ने आव्‍हान किया है क‍ि अधिकाधिक हिन्दू इसमें सहभाग लें।

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