हिरासत में ही रहेंगे आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्‍ली। रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े आम्रपाली ग्रुप पर कानून का शिकंजा कसता ही जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर हिरासत में ही रहेंगे। डायरेक्टर पुलिस की निगरानी में होटल में ही रहेंगे और उन्हें परिजनों से मिलने की इजाजत नहीं होगी। बता दें कि बायर्स से धोखाधड़ी के आरोप में आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा और 2 अन्य डायरेक्टर शिवप्रिया और अजय कुमार नोएडा के होटल में नजरबंद हैं। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।
इसके अलावा कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप की सभी कंपनियों और सभी डायरेक्टरों को अपने सभी खातों के पिछले 10 सालों के बैंक स्टेटमेंट को फरेंसिक ऑडिटरों को देने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप को साथ में यह निर्देश भी दिया कि 2008 से अभीतक जितने भी कंप्यूटरों और लैपटॉपों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फॉरेंसिक ऑडिटरों को सौंपा जाए।
इससे पहले फॉरेंसिक ऑडिटर्स ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी, जिसमें इस बारे में विस्तार से बताया गया है कि किस तरह होमबायर्स के पैसों को दूसरे उद्देश्यों के लिए खर्च किया गया। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि होमबायर्स के पैसों का एक बड़ा हिस्सा ग्रुप के डायरेक्टरों को प्रोफेशनल चार्जेज के नाम पर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भी सुनवाई के दौरान आम्रपाली ग्रुप पर तल्ख टिप्पणियां की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘यह एक बड़ा गिरोह है जिसका पर्दाफाश जरूरी है। उन्होंने (आम्रपाली समूह ने) बड़ी धोखाधड़ी की है। हम देखते हैं कि क्या किया जा सकता है।’ फॉरेंसिक ऑडिटर्स रवि भाटिया और पवन कुमार अग्रवाल ने न्यायालय को बताया कि उन्हें समूह की कुछ कंपनियों द्वारा घर खरीदारों के पैसे के हेरफेर करने की जानकारी मिली है और इसके लिए कुछ मुखौटा कंपनियां भी बनाई गई थीं। सुनवाई के दौरान ऑडिटर्स ने कहा कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई धमकी नहीं मिली है।
-एजेंसियां

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