पंजीकरण रद्द होने से Amrapali के फ्लैट खरीददारों की मुश्क‍िल बढ़ी

नई द‍िल्ली। रेरा द्वारा पंजीकरण को निरस्त कर दिए जाने के बाद Amrapali के के 42 हजार फ्लैट खरीदारों की मुश्क‍िल बढ़ गई है। फ्लैट खरीदारों के अनुसार उन्हें तो फायदा तब होता, जब रेरा यह व्यवस्था करता कि Amrapali के अधूरे प्रोजेक्ट को कैसे पूरा किया जाएगा और इनमें काम कैसे शुरू होगा। इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि यह आदेश तो 23 जुलाई को ही हो चुका था, जिसका अनुपालन अब किया गया है।

आम्रपाली होम बायर्स ग्रुप के केके कौशल ने कहा कि अनेक प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनका रेरा में पंजीकरण था ही नहीं। रेरा के पंजीकरण निरस्त करने का आदेश तो उच्चतम न्यायालय पूर्व में ही दे चुका था, जिसका पालन अब हुआ है यह कार्रवाई पहले हो जानी चाहिए थी। रेरा ने पंजीकरण निरस्त कर दिया है तो अब रेरा यह भी व्यवस्था करे कि अटके फ्लैट का निर्माण कैसे होगा।

आम्रपाली पर दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे

ग्रेटर नोएडा में बिसरख, थाना सेक्टर-58, 49 व 39 में आम्रपाली के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। आम्रपाली के खिलाफ अकेले बिसरख थाना क्षेत्र में 2000 हजार खरीददारों की तरफ से 13 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।

अर्श से फर्श पर Amrapali न‍िदेशक 

आम्रपाली के निदेशक अनिल शर्मा का बिहार के गांव पंडारक में जन्म हुआ। एनआईटी कालीकट से बी.टेक की डिग्री ली। आईआईटी खड़गपुर से एम.टेक किया। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग में सहायक अभियंता रहे। वर्ष 2002 में दिल्ली आकर की रियल एस्टेट कारोबार की शुरुआत की। 2012 में राज्यसभा का चुनाव लड़ा। 2014 में बिहार जहानाबाद लोस सीट से जद यू के टिकट पर चुनाव लड़ा।

फर्जी कंपनियां बनाने का भी आरोप

ग्रुप के चेयरमैन अनिल शर्मा ने 23 फर्जी कंपनियां बना रखी थीं। ड्राइवर और चपरासी तक निदेशक थे। अनिल शर्मा और उनकी कंपनी पर 3000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।

यूनिटेक के दो आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

नोएडा प्राधिकरण ने 2743.29 करोड़ का बकाया न चुकाने पर यूनिटेक के सेक्टर-113 और सेक्टर-117 स्थित ग्रुप हाउसिंग के दो प्लॉट का आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों ही प्लॉट के निरस्तीकरण से पहले कंपनी को नोटिस जारी कर दिया गया है।

आवास विकास भी पीछे नहीं

प्राइवेट बिल्डर ही नहीं आवास विकास परिषद व एलडीए के खिलाफ थी रेरा में तमाम शिकायतें दर्ज हुई हैं। रेरा ने जिन टाप 20 बिल्डरों की सूची जारी की है उसमें आवास विकास परिषद 11वें नंबर पर है। उसके खिलाफ 171 शिकायतें जबकि एलडीए 18 वें नम्बर पर है उस पर 141 शिकायतें दर्ज हैं। – एजेंसी

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