अमित शाह ने दूर की नृत्‍यगोपाल दास की नाराजगी, ट्रस्‍ट में शामिल करने का आश्‍वासन

अयोध्‍या। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत के बाद अयोध्‍या में राम मंदिर बनाने के लिए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्‍ट में नाम नहीं शामिल किए जाने से नाराज श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास मान गए हैं। बताया जा रहा है कि शाह ने नृत्‍य गोपाल दास को आश्‍वासन दिया है कि उन्‍हें ट्रस्‍ट में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही संतों ने अपनी आज होने वाली अपनी बैठक को भी रद्द कर दिया है।
‘ट्रस्ट में 3 जगह, नृत्य गोपाल की अहम भूमिका होगी’
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास से मुलाकात के बाद अयोध्या से बीजेपी विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा, ‘अयोध्या में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है। ट्रस्ट में तीन स्थान खाली हैं, जिन्हें जल्द ही भरा जाएगा। महंत नृत्य गोपाल दास की ट्रस्ट में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गृहमंत्री अमित शाह ने मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास से टेलीफोन पर वार्ता की है। शाह के आश्वासन पर संतों की मीटिंग कैंसल कर दी गई है।’
ट्र्स्ट के मुद्दे पर नृत्य गोपाल दास थे नाराज थे
इससे पहले नृत्‍य गोपाल दास ने सरकार के इस फैसले पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्‍होंने बीजेपी के स्‍थानीय विधायक वेदप्रकाश गुप्‍ता से मिलने से भी इंकार कर दिया था। नृत्य गोपाल दास ने कहा है कि ट्रस्‍ट में संतों के साथ अन्‍याय हुआ है। दास ने कहा, ‘अयोध्या के संतों के साथ अन्याय हुआ है। राम मंदिर के लिए दशकों से हम लड़ाई लड़ते आए हैं। अयोध्या में राम मंदिर वे लोग बनाएंगे जिन्हें कुछ नहीं पता।’
शाह से बातचीत के बाद नाराजगी दूर
नृत्‍य गोपाल दास के इस बयान के बाद अमित शाह ने उनसे बात की और इसके बाद उनकी नाराजगी दूर हो गई। संतों ने आज होने वाली अपनी बैठक को भी रद्द कर दिया है। इससे पहले राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास का कहना था, ‘हम इस ट्रस्ट को मानने के तैयार नहीं हैं। इस ट्रस्ट में वैष्णव समाज के संतों का अपमान किया गया है। जो राम मंदिर आंदोलन के लिए लगे रहे और कुर्बानी दी उनको ट्रस्ट से दूर रखा गया है।’ कमलनयन दास ने कथित रूप से राम मंदिर आंदोलन से नाता नहीं रखने वाले लोगों को ट्रस्ट में लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा, ‘अयोध्यावासी आंदोलन करते हुए पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे। अयोध्या राजपरिवार के बिमलेश मोहन प्रताप मिश्रा राजनीतिक शख्स हैं। वह बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। इनका राम जन्मभूमि आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। इनको कोई जानता भी नहीं था। उन्हें राम जन्मभूमि ट्रस्ट में जगह दी गई है। पूरे देश में संत समाज विरोध करेगा। रामानंदी संतों का यह अपमान है।’ कमल नयन दास ने कहा है कि ट्रस्ट के सदस्यों को अयोध्या में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
लोकसभा में बताया राम मंदिर का पूरा प्लान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर का पूरा प्लान बताया। उन्होंने घोषणा की कि राम मंदिर के लिए बनने वाले ट्रस्ट का नाम ‘श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ होगा। इस ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य होंगे। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके बताया कि 15 में से एक सदस्य दलित समुदाय से भी होगा। ट्रस्ट में शामिल किए जाने वाले लोगों में ऐडवोकेट के. पराशरण, कामेश्वर चौपाल, महंत दिनेंद्र दास और अयोध्या राज परिवार से जुड़े बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा जैसे नाम प्रमुख हैं।
-एजेंसियां

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