पुतिन बाइडन की बातचीत के बाद भी अमेरिका की रूस को सख्‍त चेतावनी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की बातचीत के बाद, यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंकाओं के बारे में अमेरिका ने सख़्त बयान जारी किया है.
अमेरिका ने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन पर आक्रमण करता है तो वह “मज़बूत और कड़ी प्रतिक्रिया” देने की तैयारी में है.
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत हुई थी.
इस दौरान बाइडन ने यूक्रेन की सीमा पर इकट्ठा होती रूसी सेना को लेकर चिंता जताई और रूस के खिलाफ़ “मजबूत आर्थिक और अन्य उपाय” अपनाने की चेतावनी दी.
हालांकि रूस ने कहा का कहना है कि वह यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा लेकिन पुतिन ने यूक्रेन पर उकसावे का आरोप लगाया और रूस के करीब नेटो की सेनाओं के विस्तार और हथियारों की तैनाती के खिलाफ़ गारंटी की मांग की.
मंगलवार की वीडियो कॉल के बाद, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पत्रकारों से कहा कि आने वाले हफ्तों में, ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका ‘मजबूत प्रतिक्रिया’ देने की तैयार कर रहा है.
क्रीमिया पर रूस के कब्ज़े का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जो चीजें हमने 2014 में नहीं की थीं,हम अब करने के लिए तैयार हैं.”
माना जा रहा है कि अमेरिका रूस के खिलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध, इस क्षेत्र में नेटो की अतिरिक्त सेना की तैनाती और यूक्रेन के लिए रक्षा सामग्री भेजने जैसी कार्रवाई कर सकता है.
क्या है ये पूरा मामला?
बीते दिनों अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने कहा था कि अगले साल की शुरूआत में रूस यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहा है.
यूक्रेन की सीमा के पास क़रीब 94 हज़ार रूसी सैनिक तैनात है और रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास भारी हथियार भी पहुंचाए हैं.
ख़ुफ़िया एजेंसी के हमले की संभावना जताए जाने पर बाइडन ने कहा था कि “अगर रूस यूक्रेन पर हमला करेगा तो अमेरिका शांत नहीं बैठेगा और हम किसी भी तरह से पुतिन को उनके इरादों में कामयाब नहीं होंने देंगे.‘’
यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने बीते शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा था कि हो सकता है कि रूस जनवरी के अंत में यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर बड़ा आक्रमण करे.
यूक्रेन में बीते सात सालों से गृहयुद्ध चल रहा है. रूस ने 2014 में इसी के एक हिस्से- क्राइमिया पर क़ब्ज़ा कर लिया था. यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में सक्रिय अलगाववादियों का भी रूस समर्थन करता है.
रूस सीधे तौर पर यूक्रेन में जारी संघर्ष में शामिल होने से इनकार करता रहा है. यूक्रेन चाहता है कि वो पश्चिमी देशों के सुरक्षा संगठन नेटो का हिस्सा बने, जिसका अहम सदस्य अमेरिका भी है.
वहीं, रूस नहीं चाहता कि नेटो सेनाएं ठीक उसके दरवाज़े तक पहुंच जाए.
-एजेंसियां

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