आईएसआई की पनाह में रह रहा है अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्‍मन जवाहिरी

America's biggest enemy Zawahiri is living in ISI's shelter
आतंकी संगठन अलकायदा का सरगना अयमान अल-जवाहिरी पाकिस्तान में है और वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में संभवतः कराची में रह रहा है।

आतंकी संगठन अलकायदा का सरगना अयमान अल-जवाहिरी पाकिस्तान में है और वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में संभवतः कराची में रह रहा है।
इस खूंखार आतंकी की मौत से पहले ‘आखिरी इच्छा’ अमेरिका को आतंकी हमले से दहलाने की है। न्यूजवीक ने अपनी एक रिपोर्ट में अलग-अलग कई सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है।
इतना ही नहीं, पाकिस्तान के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी ने न्यूजवीक को बताया कि ओसामा बिन लादेन का बेटा हमजा बिन लादेन भी पाकिस्तान में है और उसे भी आईएसआई ने संरक्षण दे रखा है। न्यूजवीक ने जिन सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है उसे बहुत ही विश्वसनीय बताया है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अल-जवाहिरी की अमेरिकी बलों से तभी से रक्षा कर रही है जबसे उसने 2001 में अफगानिस्तान में अल-कायदा का सफाया किया था।
अमेरिका को भी शायद अल जवाहिरी के पाकिस्तान में होने और यहां तक कि उसके ठिकाने के बारे में भी पता है क्योंकि पिछले साल जनवरी में बराक ओबामा प्रशासन ने जवाहिरी को टारगेट कर ड्रोन हमला किया था लेकिन वह बाल-बाल बच गया था।
एक ‘सीनियर’ चरमपंथी ने न्यूजवीक को बताया, ‘जिस कमरे में जवाहिरी ठहरा था, उसके ठीक बगल वाले कमरे पर ड्रोन हमला हुआ था। इससे दोनों कमरों की साझा दीवार ध्वस्त हो गई थी और विस्फोट की वजह से कुछ मलबा भी जवाहिरी पर गिरा था। इससे उसका चश्मा टूट गया था लेकिन वह बच गया।’
अफगान तालिबान के एक नेता ने न्यूजवीक को बताया कि अल जवाहिरी पर 2001 से ही कई ड्रोन हमले हो चुके हैं लेकिन हर हमले में वह बच गया। उसने आगे बताया कि अल कायदा सरगना अपने समूह के नियंत्रण वाले इलाकों में ही लोकप्रिय नहीं रहा क्योंकि वह अफगानिस्तान सरकार के साथ शांति समझौते की कोशिश में था और वह खुद को ‘विश्व शांति के लिए खतरे’ के तौर पर नहीं देखना चाहता। यही वजह है कि आईएसआई अल जवाहिरी को कराची लेकर चली गई।
पाकिस्तान के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी ने न्यूजवीक को बताया कि उसे 100 प्रतिशत यकीन है कि ओसामा बिन लादेन का 26 साल का बेटा हमजा भी आईएसआई के संरक्षण में पाकिस्तान में रह रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अल कायदा में अब भी ताकत है और वह फिर से अमेरिका पर हमला करने की क्षमता रखता है। डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन भी इस सच्चाई से परिचित है।
दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसी में 30 साल तक काम कर चुके ब्रुस रिडेल भी मानते हैं कि अल कायदा अब भी बड़ा खतरा है। उन्होंने न्यूजवीक को बताया कि 2014 में अल कायदा ने पाकिस्तानी युद्धपोत को हाइजैक कर हिंद महासागर में अमेरिकी जहाज या किसी भारतीय जहाज या फिर दोनों पर हमले की साजिश रची थी।
रिडेल ने न्यूजवीक से कहा, ‘कल्पना कीजिए कि विस्फोटकों या परमाणु हथियारों से लैस कोई पाकिस्तानी युद्धपोत अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को डूबो दे। यह विश्व इतिहास को ही बदल देगा।’
-एजेंसी

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