अमेरिकी संसद की न्यायिक समिति ने की ट्रंप पर महाभियोग चलाने की वकालत

वाशिंगटन। अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति के अध्यक्ष जेरोल्ड नडलर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाने की वकालत की है। नडलर ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप महाभियोग का सामना करने के पात्र हैं। उन्होंने कई ऐसे अपराध किए हैं जिनके आधार पर उन पर महाभियोग चलाया जा सकता है।’
सीएनएन पर प्रसारित होने वाले स्टेट ऑफ यूनियन कार्यक्रम में इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने हालांकि ट्रंप पर महाभियोग चलाने में बड़ी बाधा का भी जिक्र किया। नडलर ने कहा, ‘ट्रंप ने विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट में कुछ साबित नहीं होने का ढिंढोरा पीट दिया है।
उन्होंने खुद को निर्दोष भी घोषित कर दिया है। ऐसे में हमें उनके खिलाफ ठोस सुबूत चाहिए। तभी अमेरिकी जनता को विश्वास होगा कि ट्रंप पर महाभियोग उचित है।’ न्यायिक समिति ट्रंप पर महाभियोग चलाने के बारे में बीते कई महीनों से विचार कर रही है। ऐसे में नडलर का बयान और महत्वपूर्ण हो जाता है।
बीते शुक्रवार को ही इस समिति ने मुलर की रिपोर्ट से संबंधित सभी जानकारी उजागर करने की मांग की थी। समिति के अनुसार, इस रिपोर्ट की जानकारियों के आधार पर ही ट्रंप पर महाभियोग चलाने या नहीं चलाने का फैसला हो सकता है।
वर्ष 2016 के चुनाव में ट्रंप और रूस की साठगांठ की जांच करने वाले मुलर ने गत 18 अप्रैल को अटार्नी जनरल विलियम बार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। बार ने इस रिपोर्ट का चार पेज का सार संसद में पेश कर ट्रंप के खिलाफ मुलर को कोई भी सुबूत नहीं मिलने की बात कही थी। दूसरी तरफ मई में मुलर ने अपनी रिपोर्ट पर बयान देते हुए कहा था कि ट्रंप के कई कदम ऐसे हैं जिन्हें कानून का उल्लंघन माना जा सकता है।
महाभियोग का प्रस्ताव हो चुका है विफल
मुलर की रिपोर्ट के आधार पर विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ट्रंप पर महाभियोग चलाने की मांग कर रही है। पार्टी के कई नेता हालांकि इसके खिलाफ भी हैं। उनका कहना है कि निचले सदन में उनके पास बहुमत है लेकिन सीनेट में यह प्रस्ताव विफल हो जाएगा। निचले सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने भी महाभियोग के उल्टे असर को लेकर चेतावनी दी थी। जुलाई में सांसद अल ग्रीन ने महाभियोग को लेकर प्रस्ताव दिया था जिसे 95 के मुकाबले 322 वोटों से खारिज कर दिया गया था।
-एजेंसियां

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