अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल डोरमैट की तरह किया: इमरान खान

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की अपोजिशन पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीए-ए-इंसाफ) के चीफ इमरान खान ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। दोनों देशों के रिश्तों में चल रहे तनाव के बीच यह पहला मौका है जब क्रिकेटर से पॉलिटिशियन बने इमरान ने कोई बयान दिया है। इमरान ने कहा, अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल डोरमैट की तरह किया है। ये सही नहीं है। हमारे देश को उसने कभी इज्जत नहीं बख्शी। हमारी कुर्बानियों का भी ध्यान नहीं रखा गया।
बता दें कि अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली करीब सात हजार करोड़ रुपए की मिलिट्री एड रोक दी थी।
ये कड़वी गोली, लेकिन खाना पड़ेगी
पाकिस्तान में अमेरिका द्वारा मिलिट्री एड रोके जाने के बाद से नेताओं की तल्ख बयान आ रहे हैं लेकिन इमरान खान ने अब तक अमेरिका को लेकर कोई बयान नहीं दिया था। उनके इस रुख को लेकर हैरानी भी जताई जा रही थी। पीटीआई पाकिस्तान की मुख्य विपक्षी पार्टी है।
पाकिस्तान मीडिया के बड़े हिस्से में कहा जाता है कि इमरान खान वहां के अगले पीएम हो सकते हैं। ये कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान की पावरफुल आर्मी ही नहीं तालिबान जैसे आतंकी संगठन भी इमरान खान को पसंद करते हैं।
अमेरिका को लेकर इमरान ने अब चुप्पी तोड़ी है। एक इंटरव्यू में इमरान से जब ये पूछा गया कि अगर वो पीएम बनते हैं तो क्या यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे?
इस पर इमरान ने कहा, यह एक कड़वी गोली है लेकिन ये भी सही है कि इसे खाना जरूरी है।
अमेरिका की मदद नहीं करनी चाहिए थी
एक सवाल के जवाब में इमरान ने कहा- 2001 में अमेरिका के ट्विन टॉवर्स पर हमला हुआ। इसके बाद पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ मुहिम में अमेरिका का साथ दिया। मैं हमेशा से कहता आया हूं कि पाकिस्तान को किसी भी सूरत में अमेरिका का साथ नहीं देना चाहिए था।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान का तो इस मामले से कोई लेना-देना ही नहीं था। हमारी आर्मी की कभी ग्राउंड लेवल पर तो मदद ली ही नहीं गई। अमेरिकी फौजों ने ही अफगानिस्तान से लगने वाले बॉर्डर को संभाला।
ट्रम्प ने पाकिस्तान की बेइज्जती की
यूएस प्रेसिडेंट ट्रम्प ने 1 जनवरी को पाकिस्तान को ऐसा देश बताया था जिसने अमेरिका से 15 साल में 33 बिलियन डॉलर की मदद ली लेकिन बदले में सिर्फ धोखा दिया।
इस बारे में इमरान ने कहा, अमेरिका ने हमारे देश की बेइज्जती की है।
उन्होंने कहा, अमेरिका उन कुर्बानियों को भूल गया जो पाकिस्तानियों ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में दी हैं। इसमें कुछ हमारी कमियां भी रहीं।
एक सवाल के जवाब में इमरान ने कहा पाकिस्तान में हजारों मदसे हैं। इन्हें मेनस्ट्रीम में लाना जरूरी है। अगर हम ऐसा कर पाए तो हर सेक्टर में जॉब मिल सकेंगे। इन्हीं में से कुछ लोग आगे चलकर पाकिस्तान को बेहतर बनाएंगे लेकिन कट्टरपंथ को खत्म करना होगा।
-एजेंसी