अमेरिका ने भारत के साथ टाला 2+2 डायलॉग, माइक पॉम्पियो ने अफसोस जताया

वॉशिंगटन। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण जहां 6 जुलाई को भारत-अमेरिका 2+2 डायलॉग के लिए वॉशिंगटन दौरा करने वाली थी वहीं अब यह वार्ता अमेरिका की तरफ से किसी अपरिहार्य कारण से टाल दिया गया है। इस संबंध में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बुधवार रात सुषमा स्वराज को फोन कर अफसोस जाहिर किया। हालांकि, पॉम्पियो और सुषमा के बीच हुई फोन वार्ता में जल्द से जल्द नई तारीख तय करने पर सहमति बन गई है।
विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में ट्वीट किया, ‘माइक पॉम्पियो ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को कुछ देर पहले फोन कर अमेरिका में होने जा रहे 2+2 डायलॉग को अपरिहार्य कारणों से टालने पर गहरी निराशा और अफसोस जाहिर किया है।’
अब यह वार्ता अमेरिका की जगह भारत में भी हो सकती है। विदेश मंत्रालय ने अगले ट्वीट में बताया, ‘दोनों अमेरिका या भारत में डायलॉग जल्द से जल्द कराए जाने की सुविधाजनक नई तारीख तय करने पर सहमत हुए हैं।’
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया था कि इस वार्ता के दौरान दोनों पक्ष रणनीतिक और सुरक्षा समझौतों को मजबूती देने के अलावा समान रुचि वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
मंत्रालय ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2017 में वॉशिंगटन यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने वार्ता के इस नए प्रारूप पर सहमति जताई थी। स्वराज और सीतारमण के साथ वार्ता में अमेरिका की तरफ से विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री जेम्स एन.मैटिस हिस्सा लेने वाले थे।
बता दें कि इससे पहले वार्ता की तारीख 18-19 मार्च को होने की संभावना थी, जो कि तब अमेरिका के नए विदेश मंत्री के रूप में माइक पॉम्पिओ के नाम की पुष्टि पर अनिश्चितता के कारण टल गई थी।
इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने सुषमा स्वराज से बात की है और वार्ता टालने के लिए खेद व्यक्त किया है। रवीश कुमार ने कहा कि दोनों नेताओं ने जल्द से जल्द इस वार्ता के लिए फिर से तारीख तय करने पर भी सहमति जताई है।
मार्च में भी टाली जा चुकी है वार्ता
इससे पहले यह वार्ता इसी साल मार्च में होनी थी जिसे टाल कर जुलाई में वार्ता होने जा रही थी। हालांकि, तब यह वार्ता इसलिए संभव नहीं हो सकी थी क्योंकि उस समय ट्रंप ने अपने तत्कालीन विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को पद से हटा दिया था। सूत्रों की मानें तो मौजूदा विदेश मंत्री जिम मैटिस भी ट्रंप की आंखों में खटक रहे हैं।
यह वार्ता ऐसे समय में टली है जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच खटास बढ़ती जा रही है। भारत को अमेरिका की ओर से दो तरफा प्रतिबंधों का डर है। पहला अगर वह रूस के साथ S-400 मिसाइल सिस्टम समझौता करता है तो, और दूसरा अगर भारत ईरान से तेल आयात करना बंद नहीं करता है तो।
दोनों देशों के बीच व्यापार और टैरिफ मुद्दे को लेकर भी काफी तनाव उपज गया है। खासतौर पर ट्रंप ने जबसे भारत में हर्ली डेविडसन बाइकों पर ऊंचा शुल्क लगाए जाने का मुद्दा उठाया है।
6 जुलाई को प्रस्तावित वार्ता को टालने का कारण फिलहाल पता नहीं लगा है लेकिन व्यापक तौर पर इसे यही माना जा रहा है कि भारत अब ऐसे प्रशासन की प्रमुखता नहीं है जिसकी विदेश नीति स्पष्ट नहीं है और बस ‘अमेरिका फर्स्ट’ की रट लगाए हुए है। डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका के लगभग हर सहयोगी देश का अपमान किया है, फिर वह पड़ोसी कनाडा और मेक्सिको हों या फिर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया, यूरोपियन यूनियन।
ट्रंप-पुतिन समिट के लिए भारत से किया किनारा?
एक कयास यह भी है कि भारत के साथ वार्ता टालने के पीछे ट्रंप प्रशासन का मकसद ट्रंप और पुतिन के बीच समिट का आयोजन करना भी है। संभावना है कि यह वार्ता 15 जुलाई से पहले विएना या हेलसिंकी में हो सकती है। ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन वार्ता की तैयारी के लिए मॉस्को में हैं और राष्ट्रपति के चहेते फिलहाल इस वार्ता के लिए किसी भी चीज को टालने के लिए तैयार हैं, जो साफ तौर पर ट्रंप की प्रमुखता है।
बुधवार देर शाम जारी बयान में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से कहा गया, ‘अमेरिका और भारत के रिश्ते प्रशासन के लिए बड़ी प्रमुखता हैं और हमारी भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए हम भविष्य में भी काम करेंगे। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत की भूमिका राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में और बढ़ी है, जिससे पता लगता है कि हम वैश्विक शक्ति और मजबूत रणनीतिक और रक्षा सहयोगी के तौर पर भारत के उभरने का स्वागत करते हैं।’ आगे कहा गया, ‘2+2 वार्ता के लिए दोनों पक्षों की सहूलियत के मुताबिक जल्द तारीख तय की जाएगी।’
प्रवक्ता ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निकी हेली भारत-अमेरिका के रिश्तों को मजबूती देने की रणनीति के तहत इस वक्त नई दिल्ली में है।’
-एजेंसी

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