अमरनाथ यात्रा बालटाल से दोबारा शुरू, मौसम में भी सुधार

श्रीनगर। भारी बारिश की वजह से जम्मू-कश्मीर में रुकी अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही खराब मौसम में भी सुधार देखा जा रहा है। बालटाल में भारी बारिश के बाद गुरुवार को श्रद्धालुओं को आगे के रास्ते पर जाने से रोक दिया गया था। अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा बुधवार से शुरू हुई थी। इस बार 1.96 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
गांदरबल के एसएसपी फयाज अहमद लोन ने यात्रा के दोबारा शुरू होने की जानकारी देते हुए बताया, ‘मौसम के हालात में पहले के मुकाबले सुधार हुआ है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने हमें श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की इजाजत देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद यात्रा फिर से शुरू हो गई है। सुरक्षा को देखते हुए हम राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की टीमें श्रद्धालुओं के साथ भेज रहे हैं।’
बता दें कि यात्रा के लिए 2,995 श्रद्धालुओं का पहला जत्था जम्मू से रवाना हुआ था। इनमें से 1091 यात्री बालटाल, वहीं 1904 यात्री पहलगाम स्थित बेस कैंप से होते हुए पवित्र गुफा के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
भारी बारिश से यात्रा मार्ग पर फिसलन
बुधवार रात से हो रही भारी बारिश के बाद बालटाल और पहलगाम दोनों ही मार्गों पर फिसलन थी। ऐसे में श्रद्धालुओं और वाहनों को आगे ले जाना मुश्किल और जोखिम भरा था। इस वजह से यात्रा को पहले रोका गया था। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे यानी शनिवार तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वहीं बारिश के बीच कई तीर्थयात्री नुनवां पहलगाम बेस कैंप से चंदनवाड़ी के लिए रवाना हुए। जम्मू के बेस कैम्प से महिलाओं, बच्चों और सधुओं समेत करीब 3000 तीर्थयात्रियों का जत्था बुधवार शाम नुनवां पहलगाम और बालटाल पहुंच गया था।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा का कड़ा इंतजाम
इस बीच आतंकी हमले की आशंका के मद्देनजर पैरामिलिट्री फोर्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ और सेना के 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों और मोटरसाइकल स्क्वॉड की तैनाती के अलावा पहली बार रेडियो फ्रिक्वेंसी टैग से वाहनों की ट्रैकिंग की जा रही है। केंद्रीय पैरा मिलिटरी फोर्स के 25000 से ज्यादा जवानों के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के 15000 जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
पिछले साल 8 जुलाई को अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबल पैनी निगरानी रख रहे हैं। अधिकारियों का कहा है कि नैशनल हाईवे-44 पर तीन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की संख्या दोगुनी की गई है। सीआरपीएश के एक कमांडेंट का कहना है, ‘हमने एयरपोर्ट और बाकी जगहों पर हेल्प डेस्क बनाई है, जहां से श्रद्धालुओं को यात्रा के रूट और अन्य जानकारियों से अवगत कराया जा रहा है।’
-एजेंसी

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