निजी क्षेत्र के लिए अलग पेंशन ट्रस्ट, PFRDA एक्‍ट में होगा संशोधन

नई द‍िल्ली। केंद्र सरकार अब निजी क्षेत्र के लिए अलग पेंशन ट्रस्ट की तैयारी करने जा रही है ज‍िसे सरकारी कर्मियों के ट्रस्ट से अलग करने का विचार है , इसके ल‍िए PFRDA एक्‍ट में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।

सरकार ने पेंशन फंड के नियामक निकाय की भूमिका में सुधार के इरादे से PFRDA Act में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों से इतर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के जरिए ही पेंशन ट्रस्ट बनाने की योजना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अपने बजट पेश करते हुए बताया कि Pension Fund Regulatory and Development Authority of India (PFRDA) की भूमिका को सरकारी कर्मचारियों के ट्रस्ट से अलग करने का विचार है।

पीएफआरडीएआइ की नियामक भूमिका में मजबूती लाने की जरूरत

उन्होंने कहा, ‘पीएफआरडीएआइ की नियामक भूमिका में मजबूती लाने की जरूरत है। पेंशन फंड रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्ट में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। इसका मकसद पीएफआरडीएआइ से सरकारी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) ट्रस्ट को अलग करना भी है। उल्लेखनीय है कि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी एक्ट को सितंबर, 2013 में पारित किया गया था और यह फरवरी, 2014 में प्रभावी हुआ था।

वृद्धावस्था के लिए योजना बनाने के लिए मिलेगी प्रेरणा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे सरकार के अलावा कर्मचारियों के जरिये भी एक पेंशन ट्रस्ट को स्थापित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नागरिकों को अपनी वृद्धावस्था के लिए योजना बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। नौकरी के दौरान आसानी से खाते की परिवर्तनीयता में मदद के लिए सरकार चाहती है कि ऑटो एनरोलमेंट के जरिये यूनिवर्सल पेंशन कवरेज मिले। सरकार यह भी चाहती है कि संचित कोष की सुरक्षा के लिए सावधानियां बरती जाएं और इस नेटवर्क की जानकारियों का आसानी से लेन-देन किया जा सके।

कम आय वाले असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए होगी पेंशन योजना

राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का नियमन पीएफआरडीए करता है। एनपीएस में केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के साथ ही निजी क्षेत्र के असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों का भी फंड होता है। इसके जरिये अटल पेंशन योजना (एपीवाइ) का भी संचालन होता है। यह पेंशन योजना भी मुख्यत: कम आय वाले असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है। पीएफआरडीए के आंकड़ों के अनुसार 9 नवंबर, 2019 तक देश में एनपीएस और एपीवाइ के उपभोक्ताओं की संख्या 3.12 करोड़ के पार हो गई थी। इस प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (एयूएम) 3.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

– एजेंसी

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