लॉकडाउन-4: सुरक्षा उपायों के साथ ही मन्दिरों में प्रवेश भी जरूरी

मथुरा। श्रीकृष्ण-जन्मस्थान ने लॉकडाउन-4 के दौरान मन्दिरों में सुरक्षा उपायों के साथ ही प्रवेश द‍िया जाने पर जोर द‍िया है।

इस संबंध में श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के प्रबंध-न्यासी अनुराग डालमिया के साथ संस्थान के सचिव कपिल शर्मा व प्रबन्ध-समिति के सदस्य डा.चन्द्रभान गुप्ता, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी व डा.विनोद बनर्जी की कोविड-19 से बचाव व रोकथाम हेतु चर्चा की।

श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के पदाध‍िकार‍ियों ने केन्द्र सरकार के निर्देशन में जारी लॉकडाउन-3 के समापन के उपरांत देश की वर्तमान चरमराती अर्थव्यवस्था को संभालने में दिन-रात एक कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आद‍ित्यनाथ के अथक प्रयासों की कड़ी में सहयोग के स्वरूप पर चर्चा की।

श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सभी पदाध‍िकार‍ियों ने कहा क‍ि अब देवालयों में अवरुद्ध दर्शनार्थियों के प्रवेश को आरंभ कराये जाना चाह‍िए।

उक्त संदर्भ में प्रदेश सरकार द्वारा की गयी चिंता का समर्थन करते हुये संस्थान द्वारा एक सुझाव-पत्र स्थानीय पर्यटक अधिकारी के माध्यम से सरकार को भेजा गया है कि किस प्रकार श्रद्धालुओं को मन्दिर में प्रवेश से पूर्व थर्मल स्कैनिंग, सेनेटाइजिंग व फ़िजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुये पूजा-अर्चना का अवसर द‍िया जाना चाह‍िए। इसके साथ ही अवसाद मुक्ति के प्रयास हेतु मन्दिर-देवालयों से जुड़े पुरोहित, पुजारी, सेवक व गाईड्स व भोग-प्रसाद, कंठी-माला आदि के व्यवसाय से जुड़े हजारों व्यक्तियों की आय को नियमित व धार्मिक पर्यटन को गति प्रदान कर अर्थव्यवस्था की मजबूती में योगदान किया जा सकता है ।

विदित हो कि विगत 6 मई को ही राज्य पर्यटन मंत्री एवं प्रमुख सचिव पर्यटन द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग मीटिंग कर वैश्व‍िक महामारी कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के फलस्वरूप बन्द पर्यटन उद्योग को किस प्रकार पुनर्स्थापित एवं पुनर्जीवित किया जाये विषयक चर्चा की गई व सभी स्टेक होल्डर्स से सुझाव मांगे गये।

इस क्रम में संस्थान द्वारा जिला पर्यटन अधिकारी के माध्यम से अपना विस्तृत सुझाव-पत्र भेजा गया तथा शासन को अवगत कराया गया क‍ि श्रीकृष्ण-जन्मभूमि के दर्शन हेतु आने वाले तीर्थयात्रियों व धार्मिक पर्यटकों को सुरक्षात्मक प्रबंधों के साथ प्रवेश द‍िया जाये। साथ ही शासन को दर्शनार्थ‍ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किये जाने संबंधी सुझावों से अवगत करा दिया गया है।

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