Allahabad हाईकोर्ट ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड में फैसला सुरक्षित रखा

इलाहाबाद। Allahabad हाईकोर्ट ने नोएडा के बहुचर्चित अरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में फैसला आज सुरक्षित रख लिया है। जिस पर अब 12 अक्तबूर को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। जस्टिस बी के नारायण और जस्टिस ए के मिश्रा की खण्डपीठ ने फैसला सुरक्षित रखा है।

बता दें आरोपी तलवार दम्पति को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने सजा सुनाई है। वर्ष 2013 में सीबीआई कोर्ट ने उम्र कैद की सजा मुकर्र की। तलवार दंपत्ति ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ Allahabad हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

गौरतलब है कि नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में विशेष सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट ने दंत चिकित्सक राजेश और नूपुर तलवार को दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराया था। फिलहाल तलवार दंपत्ति डासना जेल में है।

यह भी बता दें कि विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस लाल ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानने से इनकार कर दिया था। सीबीआई ने कोर्ट से फांसी की सजा की मांग की थी। कोर्ट ने राजेश तलवार को गुमराह करने के आरोप में एक साल कारावास की सजा अलग से सुनाई है। वहीं हाईकोर्ट अगली सुनवाई यानि 12 को अपना फैसला सुनाएगी।

उल्लेखनीय है कि आरुषि हेमराज हत्याकाण्ड भारत का सबसे जघन्य व रहस्यमय हत्याकाण्ड था जो 15–16 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर 25 (जलवायु विहार) में हुआ। पेशे से चिकित्सक दम्पति ने अपनी एकमात्र सन्तान आरुषि (आयु: 14 वर्ष) के साथ अपने घरेलू नौकर हेमराज (आयु: 45 साल) की नृशंस हत्या कर दी और सबूत मिटा दिए।

एक नाबालिग लड़की और अधेड़ व्यक्ति के दोहरे हत्याकाण्ड से सम्बन्धित इस घटना ने मीडिया के माध्यम से जनता का ध्यान आकर्षित किया। यह हत्याकाण्ड उस समय हुआ जब आरुषि के माता-पिता दोनों ही अपने फ्लैट में मौजूद थे। आरुषि के पिता ने बेटी को उसके बेडरूम में जान से मारने का शक अपने नौकर पर व्यक्त करते हुए पुलिस में हेमराज के नाम एफआईआर दर्ज़ कराई।

पुलिस हेमराज को खोजने बाहर चली गयी। अगले दिन नोएडा के एक अवकाश प्राप्त पुलिस उपाधीक्षक के के गौतम ने उसी फ्लैट की छत पर हेमराज का शव बरामद किया।

तलवार दंपत्ति ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ Allahabad हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। -एजेंसी