आरके एजुकेशन हब के सभी संस्थानों में मना Yoga Day

मथुरा। RK एजुकेशन एजुकेशन हब के सभी संस्थान KD डेंटल कालेज, राजीव इंटरनेशनल स्कूल, राजीव एकेडमी फाॅर फार्मेसी, GL बजाज, KD मेडीकल कालेज हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर पर विश्व योग दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इन कार्यक्रमों के दौरान योग प्रशिक्षकों ने संस्थानों में बडी संख्या में स्टाफ और मौजूद लोगों से योग कराकर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले लोगों से कहा कि योग का दिनचर्या का हिस्सा पर बनाकर निरोगी बनें। प्रतिदिन योगाभ्यास करने से दर्जनों रोग व्यक्ति के नजदीक तक नहीं आ सकते। योग करने वाले व्यक्ति के चेहरे पर विशेष आभामंडल बना रहता है।

केडी डेन्टल काॅलेज एण्ड हाॅस्पीटल में विश्व योग दिवस के अवसर पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने काॅलेज परिसर में बड़े उत्साह के साथ योग दिवस मनाया। पंतजलि के योग गुरु तीर्थ जी ने योगासन करने के उचित विधि व योग से होने वाले लाभ को छात्रों को समझाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन जीने का माध्यम योग है। हमारे देश में योगासन प्राचीन समय से प्रचलित है। केडी डेन्टल काॅलेज एण्ड हाॅस्पीटल, मथुरा के 500 छात्र-छात्राओं ने योगाभ्यास में भागीदारी की।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसम्बर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा। यह योग दिवस दुनिया के लगभग 170 देशों के द्वारा मनाया जा रहा है। पूरे विश्व में आज के दिन योग के फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए योग प्रशिक्षण शिविर, योग प्रतियोगिता और सामूहिक योगाभ्यास किया जा रहा है। इस अवसर पर केडी डेन्टल काॅलेज एण्ड हाॅस्पीटल, मथुरा में योगाभ्यास किया।

संस्थान के प्रधानाचार्य डाॅ. मनीष लाहोरी, डाॅ. डी.जे. भास्कर, डाॅ. गोपा कुमार, डाॅ. शिशिर मोहन, डाॅ. उपदेश, डाॅ. मनोज हंस, डाॅ. शैलेन्द्र, डाॅ. अजय, डाॅ. अनुज, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापरिया, सोनू शर्मा, मोहन चन्द पाण्डेय, मनीष मिश्रा, राजेश उपाध्याय, मुकुर शर्मा आदि योगासन में उपस्थित रहेे।

राजीव एकेडमी फोर टैक्नोलाॅजी एंड मैनेजमेंट में World Yoga Day पर ’’योग से निरोग जीवन’’ पर विचार गोष्ठी का आयोजन

राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित राजीव एकेडमी फोर टैक्नोलाॅजी एंड मैनेजमेंट में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ’’योग से निरोग जीवन’’ पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एकेडमी के निदेशक संग समस्त शिक्षक स्टाफ और कर्मचारियों ने आसन व प्रणायाम भी किया।

निदेशक डाॅ. अमर कुमार सक्सैना ने कहा कि मनुष्य के पास रोग से बचने का विकल्प है। अपने व्यस्त जीवन से एक घण्टा भी प्रतिदिन बचाकर येागासन व प्राणायाम किया जाय तो हमारा पूरा दिन आनन्द मय होगा और आजीवन बीमारियों से बचे रह सकते हैं। राजीव एकेडमी फाॅर टीचर एजूकेशन के प्रभारी एस.सी. यादव ने कहा कि जान है तो जहान है का सिद्धान्त योग पर आधारित है। योगासन व प्राणायाम से ही स्वस्थ्य जीवन सम्भव है।

इस अवसर पर डाॅ. विकास जैन, डाॅ. रमन चावला, मौ. जाहिद, चन्द्रेश दुबे, तनुज अग्रवाल, गोपाल सारस्वत, राम चन्द्र शर्मा, संजीव सारस्वत, प्रखर त्यागी, आशीष कुमार, सतीष चन्द यादव, डाॅ. पी.बी. गोस्वामी, डाॅ. रीना शर्मा, डाॅ. अवधेष अथैया, डाॅ. अम्बिका उपाध्याय, डाॅ प्रीतिवाला तिवारी, नीलेश चैहान, चन्दना दास, श्याम सुन्दर शर्मा, मनीष उपाध्याय, दुर्गेश नन्दन पाठक, पवन अग्रवाल, प्रीती श्रीवास्तव, प्रीती शर्मा, पूजा सक्सैना, प्रियंका सिंह, सुनील कुमार शर्मा, गौरव गोस्वामी, सरद सिंह, सुनील कुमार चैहान, तृप्ति शन्डिल्य, नेहा शर्मा, प्रीती शर्मा, अखिलेश गौड़, योगेश तिवारी, सन्ध्या सिंह, डाॅ. डी.बी. समाधिया, जगमोहन शर्मा, अक्षय शर्मा, यतेन्द्र कुमार शर्मा, भुवनेश शर्मा, चन्द्र कुमार मोहविया, पवन कुमार शर्मा, शहनवाज खान, सुनील कुमार शर्मा, प्रणव कुमार, दीपक सिंह, मयंक दीक्षित, त्रिदेव लवानियां, आदि ने प्राणायाम और योगासन किया।

World Yoga Day पर आरके एजुकेशन हब के संस्थान राजीव इंटरनेशनल स्कूल में प्रधानाचार्य शैलेंद्र सिंह ग्रेवाल, राजीव एकेडमी फोर फार्मेसी में निदेशक डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीटयुशंस में निदेशक डा. एलके त्यागी, केडी मेडीकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर में डीन डा. मंजुला बाई केएच और एकेडमिक एंड रिसर्च विंग के निदेशक डा. अशोक कुमार धनविजय की देखरेख में विविध कार्यक्रम आयोजित हुए।

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने योग दिवस पर सभी छात्र-छात्राओं एवं समस्त कर्मचारियों को बधाई दी। कहा कि स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मस्तिष्क का निवास होता है। प्राचीन काल में भारतीय जनमानस में आज जैसे धातक रोग नहीं होते थे। इसके पीछे वजह थी कि प्रत्येक व्यक्ति बचपन से ही योगासन व प्राणायाम में अभ्यस्त होता था। आज के भाग-दौड भरे जीवन में हम भले ही सुख सुविधाओं से युक्त ही हों पर हमारा शरीर पूर्णतः रोगमुक्त नहीं हो पाता है। आज भी हमारे पास रोगों से बचने का एकमात्र रास्ता योगासन व प्राणायाम ही है।

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