नि‍ष्‍क्रि‍य माननीयों का जमघट है एयरपोर्ट Advisory Committee

आगरा एयरपोर्ट Advisory Committee के चेयरमैन सांसद व वाइस चेयरमैन छावनी क्षेत्र के वि‍धायक के अलावा 6 गणमान्‍य नागरिकों का जमघट रहा नि‍ष्‍क्रि‍य

आगरा। सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा को RTI द्वारा प्राप्‍त जानकारी के अनुसार आगरा की एअर कनेक्‍टीविटी के लिए बनी Advisory Committee अपने नि‍ष्‍क्रि‍य जमघट के कारण न केवल अपने उद्देश्‍यों से भटक गई बल्‍कि एक ऐसा निष्‍क्रिय जमघट बनकर रह गई जो सरकारी तंत्र की सारी पहलों पर भी भारी पड़ती रही।

इस Advisory Committee के चेयरमैन आगरा के सांसद राम शंकर कठेरि‍या व वाइस चेयरमैन छावनी क्षेत्र के वि‍धायक, इसके अलावा वि‍धायि‍का श्रीमती हेमलता दि‍वाकर 2017 से कमेटी की नामीनेटि‍ड मेम्‍बर हैं । अन्‍य 6 मनोनीत सदस्‍यों में सर्वश्री पूरन डावर (जूता नि‍र्यातक), पृह्लाद अग्रवाल (टूरि‍ज्‍म बि‍जनि‍स मैन) राजीव ति‍वारी ( टूरि‍ज्‍म बि‍जनि‍स मैन और वर्तमान में अध्‍यक्ष नेशनल चैम्‍बर) नवीन जैन ( राजनीति‍ज्ञ और वर्तमान में आगरा के मेयर) राजकुमार (राजनीति‍ज्ञ) सतीश गुप्‍ता ( सामाजि‍क कार्यकर्त्‍ता) आदि 2015 से समि‍ति में शामि‍ल हैैं।

जनप्रति‍नि‍धि के रूप में शामि‍लों की खास नकारात्‍मक भूमि‍का

सि‍वि‍ल सोसायटी का मानना है कि समि‍ति में शामि‍ल जन प्रति‍नि‍धि और अन्‍य सदस्‍य पूरी तरह से नि‍ष्‍क्रि‍य हैं और केवल चेयरमैन की कृपा या सहमति से ही सदस्‍य के रूप में भूमि‍का शून्‍य होने के बावजूद अब तक कमेटी में मौजूद हैं।
सि‍वि‍ल सोसायटी का मानना है कि सदस्‍यों की नि‍ष्‍क्रि‍यता कि‍सी उस छुपे कारण से है जि‍सका मकसद आगरा को एयर कनैक्‍टि‍वि‍टी के परि‍प्रेक्ष्‍य में लगातार पि‍छ‍ड़ा बनाये रखना है। अगर कुछ मामलों में ऐसा नहीं है तो फि‍र सदस्‍य कमेटी में रहने के अपने लक्ष्‍य और आगरा की हवाई संपर्क क्षेत्र की नागरि‍क जरूरतों से अनभि‍ज्ञ हैं।

एडवाइजरी कमेटी सदस्‍यों की नि‍ष्‍क्रि‍यता से कमेटी की उपयोगि‍ता लगभग शून्‍य
एडवाइजरी कमेटी सदस्‍यों की नि‍ष्‍क्रि‍यता से कमेटी पूरी तरह से एक प्रकार से अपनी उपयोगि‍ता ही खो चुकी है और इसमें शामि‍ल गैर सरकारी सदस्‍य नागरि‍कों द्वारा सार्वजनि‍क रूप से कि‍सी भी प्रकार की लोकतांत्रि‍क परंपरा सम्‍मत नि‍न्‍दा के लि‍ये उपयुक्‍त पात्र है।
समि‍ति की 2015-16 में 1, 2016-17 में पुन:1 तथा 2017-18 में 3 मीटिगे और सत्र २०१८-19 में सितम्बर तक कोई भी मीटिंग नहीं हुईं, कि‍न्‍तु इनमें से कि‍सी भी मीटिंग का आगरा की हवाई संपर्क जरूरत को बढ़ाने व एयरपोर्ट तक पहुंच सुवि‍धाजनक बनाने में कोई लाभ नहीं मि‍ल सका। समि‍ति में शामि‍ल जनप्रति‍नि‍धि‍यों की भूमि‍का खास तौर पर ज्‍यादा नि‍राशाजनक रही, उनमें से कि‍सी ने भी अपनी दि‍ल्‍ली-लखनऊ मे मौजूदगी का आगरा की एयर कनैक्‍टि‍वि‍टी बढाने व अन्‍य जरूरी सुवि‍धाओं को बढवाने में कोई योगदान नहीं दि‍या। जनवरी 2018 को एडवाइजरी कमेटी की हुई मीटि‍ग में हुए वि‍मर्श के अनुरूप सदस्‍य श्री पूरन डावर और श्री पृह्लाद अग्रवाल को राज्‍य नागरि‍क उड्डयन मंत्री श्री जयंत सि‍न्‍हा से मुलाकात कर भारत सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना (आर ए सी) के तहत आगरा के नागरि‍कों के लि‍ये उपयोगी फ्लाइट ए आई -407/ 408 को शुरू करवाना था। कि‍न्‍तु नागरि‍क उड्डयन मंत्रालय के आधि‍कारि‍क रि‍कार्डों के अनुसार दोनों में से कि‍सी के द्वारा भी इस मुलाकात को अंजाम नहीं दि‍या जा सका। श्री राजकुमार तो मीटिंग में भाग लेने तक का समय नहीं नि‍काल सके।

सि‍वि‍ल एन्‍कलेव की उपयोगि‍ता बढाने के प्रयासों पर लगतेे रहे ब्रेक

13 अगस्‍त 2017 की मीटिग में जि‍ला अधि‍कारी आगरा ने सदस्‍यों को बताया था कि प्रस्‍तावि‍त पं दीन दयाल उपाध्‍याय एयर टर्मि‍नल के धनौली-बल्‍हेरा प्राजेक्‍ट के तहत रनवे को जरूरत अनुरूप बनाने के लि‍ये अतरि‍क्‍त जमीन की खरीद का प्रस्‍ताव शासन(उ प्र सरकार) को भेजा है। जो बाद में शासन ने नि‍रस्‍त कर दि‍या, इस पर सीमि‍त के चेयरमैन ने कहा कि इसे दुबारा भेज दें कि‍न्‍तु अंति‍म बैठक जोकि 13 जनवरी 2018 को हुई थी , से लेकर अब तक इस प्रस्‍ताव को डी एम ने भेजा या नहीं और अगर भेजा भी तो शासन ने के द्वारा उस पर क्‍या निर्णय लि‍या इसकी जानकारी अब तक नहीं है।

इसी प्रकार 13अप्रैल 2017 को हुई मीटिग में 110 एकड जमीन की अतरि‍क्‍त खरीद का बजट शासन से स्‍वीकृत करवाने का प्रयास करने की बात चेयरमैन ने की थी और इस संबध में एक प्रस्‍ताव उ प्र सरकार को भेजने को कहा था कि‍न्‍तु इस पर अब तक कोयी भी कार्रवाही नहीं हुई।जब कि प्रभावि‍त होने वाले 347 कि‍सानों में से 300 सरकार की अधि‍ग्रहण नीति‍ की शर्त पर अनुबंध के लि‍ये तैयार हैं। इसी प्रकार एडवाइजरी कमेटी के सदस्‍यों में से कुछ ने एयरलाइंस आप्रेटरों की आगरा में मीटि‍ग करवा के आगरा की एयर कनैक्‍टि‍वि‍टी को बढाने के प्रयास की बात कही थी कि‍न्‍तु लगता है कि वे अब अपने ही इस प्रस्‍ताव को पूरी तरह से भुला चुके हैं।

नाईट आपरेशन की अनुमति का प्रस्‍ताव भी दरकि‍नार

Advisory Committee के सदस्‍यों और जनप्रति‍नि‍धि‍यों की नि‍ष्‍कि‍यता अथवा व्‍यक्‍ति‍गत रूप से उपकृतों के प्रति उदार भावनाओं से आगरा का कि‍तना अहि‍त हो रहा है, इसे आगरा की जनता इससे ही समझ सकती है कि एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडि‍या और एयफोर्स के बीच प्रदेश के जि‍न एयरपोर्टों की सुवि‍धायें सि‍वि‍ल एन्‍कलेव आप्रेशन के लि‍ये एम ओ यू साइन कि‍या हुआ है उनमें आगरा का पं दीन दयाल सि‍वि‍ल एन्‍कलेव भी शामि‍ल है । कि‍न्‍तु यह एम ओ यू केवल प्रात: 7 बजे से रात्रि 8बजे के बीच के नागरि‍क उडानों के आप्रेशनों के लि‍ये ही है। एयरफोर्स, आगरा में यह आप्रेशन सुवि‍धा रात आठ बजे के बाद भी बढाने को तैयार है कि‍न्‍तु इसके लि‍ये मांग और स्‍वीकृति शासनस्‍तर पर प्रयास से ही संभव है। वायुसेना के प्रति‍नि‍धि (एयरफोर्स स्‍टशन आगरा के वि‍रष्‍ठ अधि‍कारी) ‍ के द्वारा आधि‍कारि‍क रूप से यह जानकारी दी जा चुकी है कि‍न्‍तु सब कुछ जानने के बावजूद एडवाइजरी केमेटी के सदस्‍य आगरा की लगातार हो रही उपेक्षा पर न केवल उदासीन हैं अपि‍तु सरकारी तंत्र और सत्‍तादल को भी एयरकनैक्‍टि‍वि‍टी के मुद्दे पर नि‍ष्‍क्रि‍य कि‍ये हुए हैं।

सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा का मनना है – भाजपा कहने को कैडर बेस्ड अनुशासित पार्टी है लेकिन धरातल पर पार्टी का MP, अपने प्रधानमंत्री के विज़न को पूरा करने के लिये प्रयासरत नहीं हैं। अगर होता तो श्री मोदी ने उन को जिताने के लिये इंटरनेशनल एयरपोर्ट का वायदा किया था उसको पूरा करता और आगरा को ३ ट्रिलियन डॉलर के पर्यटन उद्योग में अपार हिस्सेदारी दिलवाता। प्रधानमंत्री ने आगरा के MP को मंत्री बनाया हुआ है। क्या सिर्फ इलेक्शन जीतने के लिये मोदी का इस्तेमाल होगा और जीतने के बाद सब भूल कर निष्क्रिय हो जाना है?

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