Samjhauta ब्लास्ट केस में असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी

पंचकुला। Samjhauta एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में पंचकूला की एनआईए अदालत ने असीमानंदसमेत सभी सभी चारों आरोपियों को बरी कर दिया है। इस धामाके में 68 लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में पाकिस्तानी महिला राहिला वकील की याचिका खारिज कर दी गई है। इसके बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया।

बुधवार को पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में राहिला की याचिका पर सुनवाई हुई जिसे कोर्ट ने सीआरसीपीसी की धारा 311 के तहत खारिज कर दिया।

गत 14 मार्च को मामले में फैसला सुनाया जाना था लेकिन ठीक मौके पर राहिला ने ईमेल के माध्यम से याचिका दायर कर दी, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला टाल दिया था। राहिला ने अपने वकील मोमिन मलिक के माध्यम से कहा था कि वह मामले में गवाही देना चाहती है।
18 फरवरी 2007 को धमाका 
18 फरवरी 2007 को हरियाणा के पानीपत में दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में धमाका हुआ था। चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक ब्लास्ट हुआ था। विस्फोट में 67 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक घायल की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। 23 लोगों के शवों की शिनाख्त नहीं हुई थी। सभी शवों को पानीपत के गांव महराना के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था।

19 फरवरी 2007 को दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, रात 11.53 बजे दिल्ली से करीब 80 किलोमीटर दूर पानीपत के दिवाना रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में ब्लास्ट हुआ। धमाके के चलते ट्रेन की दो सामान्य बोगियों में आग लग गई थी। पुलिस ने विस्फोट स्थल से दो सूटकेस बम बरामद किए थे।

सूटकेस कवर से संदिग्धों तक पहुंची पुलिस 
चश्मदीदों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों के स्केच जारी किए थे। उनकी जानकारी देने पर एक लाख रुपये के इनाम का भी ऐलान हुआ था। हरियाणा सरकार ने बाद में मामले की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई। धमाके के एक महीने बाद 15 मार्च 2007 को हरियाणा पुलिस ने इंदौर से दो संदिग्धों को अरेस्ट किया। सूटकेस कवर के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। जांच में सामने आया कि ये कवर इंदौर के एक बाजार से ब्लास्ट के कुछ दिन पहले खरीदे गए थे।

-एजेंसी

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