अक्षय तृतीया 28 अप्रैल को, धन लाभ के लिए करें पूजा

Akshay Tritiya on 28th April, please worship for wealth benefit
अक्षय तृतीया 28 अप्रैल को, धन लाभ के लिए करें पूजा

28 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया, ये है शुभ समय

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि बहुत ही खास है क्योंकि इस दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। इस बार अक्षय तृतीया 28 अप्रैल को आ रही है। इस दिन आप कुछ उपाय कर घर में पैसों का आगमन करा सकते है।

अक्षय तृतीया की रात को स्नान कर पीली धोती धारण करे और एक आसन पर उत्तर की ओर मुंह करके बैठ जाएं। अपने सामने सिद्ध लक्ष्मी यंत्र को स्थापित करें जो विष्णु मंत्र से सिद्ध हो और स्फटिक माला से ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं ऐं ह्रीं श्रीं फट् मंत्र का 21 माला जप करें।

लक्ष्मी को प्रसनेन करने के लिए स्फटिक के श्रीयंत्र को पंचोपचार पूजन द्वारा विधिवत स्थापित करें। माता लक्ष्मी का ध्यान करें, श्रीसूक्त का पाठ करें।

अक्षय तृतीया से प्रारंभ करते हुए माता लक्ष्मी के मंदिर में प्रत्येक शुक्रवार धूपबत्ती व गुलाब की अगरबत्ती दान करने से जीवन में अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं।

अक्षय तृतीया को एक मुट्ठी बासमती चावल बहते हुए जल में श्री महालक्ष्मी का ध्यान करते हुए व श्री मंत्र का जप करते हुए जल प्रवाह कर दें।

28 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया, ये है शुभ समय

अक्षय तृतीया पर्व 28 अप्रैल को मनाया जाएगा। यह 28 अप्रैल को सुबह 10.30 बजे से शुरू होकर 29 तारीख को सुबह 6.55 बजे तक ही रहेगा। अक्षय तृतीया को आखा तीज से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यह बहुत ही शुभ दिन माना जाता है और शादी के लिए इस दिन का विशेष मुहूर्त होता है।

हिन्दुओं में अक्षय तृतीया वो दिन है जब सुख, समृद्धि और विघ्न विनाशक भगवान गणेश ने वेद व्यास के कहने पर महाभारत लिखी थी। इस दिन भगवान परशुराम का जन्म दिन है, परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। जैन धर्म को मानने वाले इस दिन को बहुत ही पावन और शुभ मानते हैं। इस दिन कोई भी शुभ कार्य या नया काम इस दिन शुरू करने से वो सफल होता है। लेकिन अक्षय तृतीया और भी अहम है।

वहीं जाट समुदाय में मान्यता है कि उनके परिवार का कोई पुरुष सदस्य सुबह-सुबह खेत चले जाए। रास्ते में जो भी जानवर या पक्षी आता है वो आने वाली फसल और बारिश का अंदेशा देगा।

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि बहुत ही खास है क्योंकि इस दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। इस बार अक्षय तृतीया 28 अप्रैल को आ रही है। इस दिन आप कुछ उपाय कर घर में पैसों का आगमन करा सकते है।

अक्षय तृतीया की रात को स्नान कर पीली धोती धारण करे और एक आसन पर उत्तर की ओर मुंह करके बैठ जाएं। अपने सामने सिद्ध लक्ष्मी यंत्र को स्थापित करें जो विष्णु मंत्र से सिद्ध हो और स्फटिक माला से ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं ऐं ह्रीं श्रीं फट् मंत्र का 21 माला जप करें।

लक्ष्मी को प्रसनेन करने के लिए स्फटिक के श्रीयंत्र को पंचोपचार पूजन द्वारा विधिवत स्थापित करें। माता लक्ष्मी का ध्यान करें, श्रीसूक्त का पाठ करें।

अक्षय तृतीया से प्रारंभ करते हुए माता लक्ष्मी के मंदिर में प्रत्येक शुक्रवार धूपबत्ती व गुलाब की अगरबत्ती दान करने से जीवन में अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं।

अक्षय तृतीया को एक मुट्ठी बासमती चावल बहते हुए जल में श्री महालक्ष्मी का ध्यान करते हुए व श्री मंत्र का जप करते हुए जल प्रवाह कर दें।

28 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया, ये है शुभ समय

अक्षय तृतीया पर्व 28 अप्रैल को मनाया जाएगा। यह 28 अप्रैल को सुबह 10.30 बजे से शुरू होकर 29 तारीख को सुबह 6.55 बजे तक ही रहेगा। अक्षय तृतीया को आखा तीज से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यह बहुत ही शुभ दिन माना जाता है और शादी के लिए इस दिन का विशेष मुहूर्त होता है।

हिन्दुओं में अक्षय तृतीया वो दिन है जब सुख, समृद्धि और विघ्न विनाशक भगवान गणेश ने वेद व्यास के कहने पर महाभारत लिखी थी। इस दिन भगवान परशुराम का जन्म दिन है, परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। जैन धर्म को मानने वाले इस दिन को बहुत ही पावन और शुभ मानते हैं। इस दिन कोई भी शुभ कार्य या नया काम इस दिन शुरू करने से वो सफल होता है। लेकिन अक्षय तृतीया और भी अहम है।

वहीं जाट समुदाय में मान्यता है कि उनके परिवार का कोई पुरुष सदस्य सुबह-सुबह खेत चले जाए। रास्ते में जो भी जानवर या पक्षी आता है वो आने वाली फसल और बारिश का अंदेशा देगा।

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