अखिलेश की राहुल को सलाह: ‘कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से एक शेर पोस्ट किया है। कहा जा रहा है कि इस ट्वीट के जरिए अखिलेश ने अपने ‘दोस्त’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इशारों ही इशारों में नसीहत दे दी है।
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का पीएम नरेंद्र मोदी से गले मिलना पूरे दिन छाया रहा। इसे कुछ लोगों ने जहां नई राजनीति का उदय कहा तो वहीं कइयों ने राहुल का बचपना बताया।
इसी मुद्दे पर अखिलेश ने जाने-माने शायर बशीर बद्र का यह शेर पोस्ट किया है- ‘कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिज़ाज का शहर है, ज़रा फासले से मिला करो।’
दरअसल शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
इसके बाद भाषण के अंत में उन्होंने किसी के लिए दिल में नफरत न होने की बात कहकर अचानक से पीएम मोदी के पास जाकर उन्हें गले से लगा दिया। इस दौरान राहुल ने पहले पीएम मोदी से अपनी सीट पर उठने का आग्रह किया, जब पीएम नहीं उठे तो राहुल बैठे-बैठे उनके गले लग गए। इस पर बाद में पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान चुटकी लेकर कहा था किर राहुल गले नहीं लगे बल्कि गले पड़ गए थे।
एक ओर जहां अखिलेश नसीहत देते नजर आए वहीं बिहार में कांग्रेस के सहयोगी दल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी की तारीफ की। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने राहुल की एक दूसरी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था उन्होंने आंख मारकर सही जगह निशाना लगाया है।
तेजस्वी ने की थी तारीफ
तेजस्वी ने लिखा, ‘मेरे दोस्त, वह आंख सही जगह मारी है। जहां पर दुखे वहां तेजी से प्रहार करो। उनके झूठों के पुलिंदों का कच्चा-चिट्ठा खोलने और एक अद्भुत भाषण के लिए बहुत-बहुत बधाई।’ वहीं बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी इसमें तीसरा ऐंगल ढूंढ लाए हैं। स्वामी ने कहा है कि रूसी और नॉर्थ कोरियाई इस गले लगने की तकनीक का इस्तेमाल जहर देने के लिए करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को मेडिकल चेकअप कराने की सलाह दे दी है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने ढूंढा नया ‘एंगल’
स्वामी ने अपने ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी का नाम नहीं लेते हुए उनके लिए ‘बुद्धू’ शब्द का इस्तेमाल किया। स्वामी ने लिखा, ‘नमो (मोदी) को बुद्धू को गले लगने देने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। रूसी और नॉर्थ कोरियाई गले लगने की तकनीक का इस्तेमाल जहरीली सुई चुभोने के लिए करते हैं।’
-एजेंसी

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