खनन घोटाले मामले में अखिलेश यादव से जल्‍द होगी पूछताछ

नई दिल्‍ली। हमीरपुर अवैध खनन घोटाले मामले में सीबीआई जल्द उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति से पूछताछ कर सकती है।
सीबीआई का कहना है जांच के दौरान जब्त किए गए खनन घोटाले संबंधी दस्तोवजों से पता चला है कि 17 फरवरी 2013 को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीएम ऑफिस में पेडिंग पड़ी फाइलों को अपने पास मंगाया और लीज से जुड़ी 13 फाइलों को एक ही दिन में स्वीकृति दे दी थी जबकि एक फाइल को 14 जून 2013 को स्वीकृति दी गई थी।
सीबीआई ने दावा किया है कि खनन मामले में इलाहाबाद कोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए 21 लीज गैरकानूनी तरीके से दी गई थी। इसमें से 14 लीज अखिलेश ने पास की थी और शेष फाइल गायत्री प्रजापति ने की थी।
बताया गया कि यह भी 22 लीज फाइलें पांच लाख से ऊपर की थीं। सूत्रों का कहना है कि यह सभी फाइलें 31 मई 2013 से डीएम ऑफिस में लंबित थी। इन सभी फाइलों को ई टेंडरिंग प्रकिया के माध्यम से दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
अखिलेश को मिला केजरीवाल का साथ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के पीछे सीबीआई लगाने के लिए सोमवार को केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, अब वक्त आ गया है कि इस सरकार को उखाड़ फेंका जाए। उन्होंने ट्वीट किया कि अपने कार्यकाल के आखिरी हफ्तों में भाजपा सरकार ने बड़ी बेशर्मी से अखिलेश यादव के पीछे सीबीआई लगा दी। यह हम सबके लिए एक चेतावनी की तरह है कि हम यह नहीं भूलें कि पिछले पांच साल के दौरान भाजपा के राजनीतिक विरोधियों को क्या झेलना पड़ा। वक्त आ गया है कि इस सरकार को उखाड़ फेंका जाए।
न्यूज़ एजेंसी भाषा के अनुसार रविवार को अखिलेश यादव ने कहा कि वह जांच एजेंसी का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन जनता भी भाजपा को जवाब देने के लिए तैयार है। उल्लेखनीय है कि 2012-16 के दौरान हमीरपुर जिले में अवैध रेत खनन के मामले की जांच कर रही सीबीआई ने आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, सपा विधान पार्षद रमेश कुमार मिश्रा और संजय दीक्षित (बसपा की टिकट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में असफल रहे) समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उनसे संबंधित 14 जगहों पर शनिवार को छापेमारी की।
एफआईआर के अनुसार यादव 2012 से 2017 के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री थे और 2012-13 के दौरान उनके पास खनन विभाग था। इससे उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
-एजेंसियां

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