एयरसेल मैक्सिस केस: पी. चिदंबरम को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से राहत

नई दिल्ली। एयरसेल मैक्सिस केस में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से राहत दे दी है। चिदंबरम को अब 5 जून से पहले ईडी के सामने पेश होना होगा। कोर्ट ने चिदंबरम द्वारा दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर ईडी का जवाब भी मांगा है। उन्हें भी 5 जून तक जवाब देना होगा।
अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को निर्देश दिया कि इस मामले में पांच जून तक वह चिदंबरम के खिलाफ कोई कार्यवाही न करे। इसके साथ ही अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर पांच जून तक जवाब दाखिल करने को कहा।
क्या है मामला
कार्ति चिदंबरम का नाम आईएनएक्स मीडिया केस के अलावा एयरसेल-मैक्सिस केस से भी जुड़ा है। मार्च 2006 में मलेशिया की कंपनी मैक्सिस कम्यूनिकेशन ने एयरसेल में 74% हिस्सेदारी खरीदी थी। मई 2011 में एयरसेल के संस्थापक सी. शिवशंकरण ने सीबीआई में एक शिकायत दर्ज करवाई और कहा कि उन पर अपने शेयर मैक्सिस को बेचने का दबाव बनाया जा रहा है।
मामले में पहली बार कार्ति का नाम सुब्रमण्यन स्वामी ने उछाला। साल 2015 में तत्कालीन जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यन स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया। स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते पी. चिदंबरम ने बेटे कार्ति को एयरसेल-मैक्सिस मर्जर से लाभ उठाने में मदद की। इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों को जानबूझकर रोका और अधिग्रहण प्रक्रिया को नियंत्रित किया ताकि उनके बेटे को अपनी कंपनियों के शेयर की कीमत बढ़ाने की दिशा में कारोबारी कदम उठाने का वक्त मिल जाए।
फिर 1 दिसंबर 2015 को पहली बार एयरसेल-मैक्सिस केस की जांच का दायरा बढ़ाते हुए टैक्स अधिकारियों और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्ति चिदंबरम के कुछ कारोबारी सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की। फिर 2017 में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया और 25 सितंबर 2017 को कार्ति से जुड़ी 90 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति, बैंक अकाउंट और एफडी को अटैच कर लिए। ईडी ने कुल 1.16 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां जब्त कीं।
-एजेंसी

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