केयर्न एनर्जी को चुनौती देने के लिए एयर इंडिया के पास जुलाई मध्य तक का समय

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय एयरलाइन एयर इंडिया के पास ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी पीएलसी द्वारा दायर मामले को चुनौती देने के लिए जुलाई मध्य तक का समय है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
केयर्न एनर्जी ने अमेरिका की संघीय अदालत में मुकदमा दायर कर एयरलाइन को यह निर्देश देने की अपील की है कि वह भारत सरकार के खिलाफ जीते गए पंचाट मामले में 1.26 अरब डॉलर का भुगतान करे।
केयर्न एनर्जी ने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में दायर मामले में कहा है कि एयर इंडिया पर भारत सरकार का नियंत्रण है। ऐसे में अदालत को पंचाट के फैसले को पूरा करने का दायित्व एयरलाइन कंपनी पर डालना चाहिए।
तीन सदस्यीय अंतर्राष्ट्रीय पंचाट न्यायाधिकरण ने दिसंबर में एकमत से केयर्न पर पिछली तारीख से लगाए गए करों को खारिज कर दिया था और सरकार को कंपनी के बेचे गए शेयर, जब्त लाभांश और कर रिफंड को वापस करने को कहा था। इस न्यायाधिकरण में भारत की ओर नियुक्त जज भी शामिल थे।
हालांकि, भारत सरकार ने चार साल के दौरान पंचाट प्रक्रिया में हिस्सा लिया था लेकिन उसने इस फैसले को मानने से इंकार करते हुए नीदरलैंड की अदालत में इसे खारिज करने की याचिका दायर की है।
केयर्न ने कहा है कि वह इस फैसले के तहत एयर इंडिया जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से वसूली करेगी। वहीं सरकार ने कहा है कि वह इस तरह के किसी भी कदम का विरोध करेगी।
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि एयर इंडिया के पास केयर्न के मुकदमे को चुनौती देने के लिए जुलाई मध्य तक का समय है।
-एजेंसियां

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