भारतीय वायुसेना ने इतिहास रचा: पाक सीमा पर इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड शुरू, हरक्यूलिस और मिग विमान उतरे

देश की पहली आपातकालीन हवाई पट्टी के शुभारंभ पर रक्षामंत्री राजनाथ और वायुसेनाध्‍यक्ष भदौरिया

बाड़मेर। भारतीय वायुसेना ने आज इतिहास रच दिया। देश की पहली आपातकालीन हवाई पट्टी का गुरुवार शुभारंभ हो गया। पाकिस्तान सीमा से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड के रूप में देश को पहला नेशनल हाईवे मिल गया। इस हाईवे पर वायुसेना के लड़ाकू विमान उतरे। देश में यह पहली बार है जब किसी नेशनल हाईवे का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना के विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए किया जा रहा है। आज हरक्यूलिस, सुखोई और मिग विमानों की लैंडिंग हुई तो नजारा देखते ही बन रहा था।
पाकिस्तान के बेहद करीब लैंडिंग
किसी इमरजेंसी के वक्त भारत-पाक सीमा से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर इस एयर स्ट्रिप का इस्तेमाल हो सकेगा। इसका निर्माण भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बने हाइवे NH-925ए पर हुआ है। इस हवाई पट्‌टी की चौड़ाई 33 मीटर है और लंबाई 3 किलोमीटर है। इमरजेंसी के हालात और रेस्क्यू या राहत पहुंचाने के मकसद से नेशनल हाईवे को लैंडिंग एयरस्ट्रीप में बदलने की तैयारी चल रही है। आज का नजारा बेहद ही अद्भुत था और देखकर गर्व भी हो रहा था।
ऐसे ही नहीं लिया गया यह फैसला
सरकार की ओर से यह फैसला यूं ही नहीं लिया गया है। ऐसा देखा गया है कि अक्सर दुश्मन देश के महत्वपूर्ण एयरबेस को टारगेट करते हैं। निशाना बनाकर उन्हें तबाह करने की कोशिश रहती है ताकि फाइटर जेट लैंड और टेकऑफ न कर पाए। ऐसा करीब 50 साल पहले भी देखा गया था जब 8 दिसंबर 1971 पाकिस्तान ने भुज एयरबेस पर बम दागे थे। इस हमले में एयरबेस का रनवे पूरी तरह तबाह हो गया था। भविष्य में ऐसे किसी हालात से निपटने के लिए ऐसे एयरस्ट्रिप को तैयार किया जा रहा है। अब वायुसेना को अपने ऑपरेशन्स के लिए और अधिक विकल्प और सीमा से सटे इलाकों में तत्काल एक्शन के लिए आसानी होगी।
पाकिस्तान और चीन दोनों के करीब हाईवे
इसी प्रकार का एयर स्ट्रिप जम्मू-कश्मीर में भी बनाया जा रहा है। पाकिस्तान और चीन दोनों को ध्यान में रखते हुए यह बेहद ही खास है। कश्मीर की सीमाएं पाकिस्तान से लगती है। साथ ही लद्दाख का हिस्सा भी चीन के साथ सटा हुआ है। चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ ही भारत के साथ रिश्ते ठीक नहीं है और तनावपूर्ण स्थिति है। बनिहाल-श्रीनगर मार्ग पर अवंतिपुरा के पास इसका काम चल रहा है।
भारत से पहले इन देशों में हुआ ऐसा
इमरजेंसी के हालात में या फिर रेस्क्यू और राहत पहुंचाने के मकसद से नेशनल हाईवे को लैंडिग एयरस्ट्रीप में बदलने की तैयारी पूरे जोरों पर हैं। भारत से पहले जर्मनी, स्वीडन, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ताइवान, स्विटज़रलैंड और फ़िनलैंड आदि अन्य कई देशों में ऐसा हो रहा है। वहां हाईवे और एक्सप्रेसवे पर विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग होती हैं। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से रक्षा मंत्रालय को देशभर में 29 हाइवे सुझाए गए थे। इन पर काम जारी है।
-एजेंसियां

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