‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ (डिजीटल करेंसी सिस्‍टम) लागू करने हेतु सघन अभियान

Agra nyay dharm sabha Intensive campaign to implement 'digital money system'
‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ (डिजीटल करेंसी सिस्‍टम) लागू करने हेतु सघन अभियान

हरिद्वार। अपराधों की पूर्ण एवं तत्काल समाप्ति हेतु न्याय धर्मसभा द्वारा सन् 2012 से चलाया जा रहा है ‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ (डिजीटल करेंसी सिस्‍टम) लागू करने हेतु सघन अभियान।
गत 8 नवम्बर 2016 को केन्द्रसरकार ने रुपये 500 और 1000 मूल्य के मौद्रिक नोटों को बन्द करके उनके स्थान पर नये रुपये 500 और 2000 मूल्य के नये मौद्रिक नोट चलाने का निर्णय एवं घोषणा की है, जिसके कारण अभी भी पूरे देश में उथलपुथल मची हुई है।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार का यह कदम मुख्यरूप से कालेधन के नियन्त्रण से सम्बन्धित है। किन्तु भ्रष्‍टाचार के रूप में कालेधन के निर्माण का प्रमुख कारण अभी भी उपस्थित होने के कारण नये नोट बाजार में आने के साथ ही कालेधन का निर्माण पुनः प्रारम्भ हो जाएगा। समाचारों में अभी एक गंभीर घटना सुनने एवं देखने में आयी जब कुछ आतंकवादियों को मारने के पश्‍चात् सुरक्षाबलों को उनके पास से रुपये 2000 मूल्य के नये असली नोट बरामद हुए। अन्य कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में नये नोटों के रूप में अवैध तरीके से ले जाई जा रही नगदी भी पकड़ी गयी है।
स्पष्‍ट है कि रोग की चिकित्सा किए विना उसके लक्षणों को रोका नहीं जा सकता अथवा लक्षणों पर किया गया कोई भी कार्य तात्कालिक होता है और कुछ समय बाद व्यर्थ सिद्ध होता है।

न्यायधर्मसभा द्वारा प्रस्तुत किया गया अंकमुद्रा का प्रस्ताव भ्रष्‍टाचार रूपी भयंकर दैत्य राष्‍ट्र के सामने अपने जबड़े फैलाए राष्‍ट्र की भोली-भाली जनता को निरन्तर निगल रहा है। सन् 2012 में जब श्री अन्ना हजारे के नेतृत्व में भ्रष्‍टाचार एवं कालेधन के विरुद्ध बड़े एवं देशव्यापी जनान्दोलन को अंजाम दिया गया तब केन्द्र में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार थी। उस समय भ्रष्‍टाचार समाप्त करने हेतु अनेक लोग अनेक प्रकार के तर्क एवं उपाय प्रस्तुत कर रहे थे। कोई कह रहा था कि भ्रष्‍टाचार समाप्ति के लिए सख्त जनलोकपाल लाना पड़ेगा, तो कोई कह रहा था कि सरकार को बड़े नोट बन्द कर देने
चाहिए। स्पष्ट है कि ये सभी उपाय भ्रष्‍टाचार एवं कालेधन के निर्माण पर रोक लगाने हेतु पर्याप्त और उपयुक्त नहीं हैं। ऐसे में तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्री मनमोहनसिंह जी द्वारा लाचारी भरा यह वक्तव्य दिया गया कि ‘उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है, कि वे घुमाएँ और भ्रष्‍टाचार अगले ही पल समाप्त हो जाए।’

प्रधानमन्त्री के रूप में दे-रु39या के सबसे बड़े अधिकारी की विव-रु39याता को देखते हुए न्यायधर्मसभा
द्वारा 15 अगस्त 2012 को प्रधानमन्त्री श्री मनमोहन सिंह जी को एक पत्र भेजकर उनसे राष्‍ट्र में
‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ लागू करने का निवेदन एवं अपील करी गयी, जो न सिर्फ भ्रष्‍टाचार को तत्काल समाप्त करती है, साथ ही कालेधन के निर्माण, नकली मुद्रा के चलन, टैक्सचोरी एवं अन्य सभी मौद्रिक अपराधों पर पूर्ण एवं तत्काल नियन्त्रण स्थापित करती है।

न्यायधर्मसभा द्वारा उपरोक्त पत्र की प्रतिलिपि माननीय राष्‍ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी, तत्कालीन
वित्तमन्त्री श्री पी चिदम्बरम, तत्कालीन रिजर्वबैंक गवर्नर श्री डी.सुब्बाराव, मोंटेक सिंह, अहलूवालिया, श्रीमती सोनियागाँधी, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी, श्री अन्ना हजारे, श्री अरविन्द केजरीवाल, सुश्री किरनबेदी, श्री मनीष सिसोदिया, बाबा रामदेव आदि गणमान्य
व्यक्तियों को भी भेजी गयी थी। श्री मनमोहनसिंह जी के प्रधानमन्त्री रहते हुए ही ‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ लागू करने हेतु अनेक स्मरणपत्रों द्वारा पुनर्निवेदन सरकार से किया जाता रहा जिसकी जानकारी अनेक राजनैतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, प्रमुख मीडिया हाउसों को भी दी जाती रही।

इसके उपरान्त मई 2014 में माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्रमोदी जी की सरकार आने के बाद उनको प्रधानमन्त्री के रूप में भी समय-समय पर भेजे गए पत्रों के माध्यम से ‘डिजिटल करेंसी’ लागू करने का निवेदन केन्द्रसरकार से किया जाता रहा है तथा विभिन्न राजनैतिक दलों, राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बाबा रामदेव, केजरीवाल, अनेक सामाजिक संगठनों, विभिन्न राज्य सरकारों को भी न्यायधर्मसभा के इस प्रस्ताव से अवगत कराया गया। साथ ही उनसे ‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ या ‘डिजिटल करेंसी’ को लागू करवाने की अपील भी न्यायधर्मसभा द्वारा समय-समय पर करी जाती रही है। इसके अतिरिक्त न्यायधर्मसभा द्वारा ‘आंकिक मुद्रा प्रणाली’ सम्बन्धी जनजागरण अभियान भी विभिन्न संचारमाध्यमों द्वारा निरन्तर चलाया जा रहा है।

अभी हाल ही में केन्द्रसरकार के रुपये 500 और 1000 मूल्य के बड़े नोट बदलने के निर्णय के बाद भी न्यायधर्मसभा ने पत्र भेजकर ‘डिजिटल करेंसी’ राष्‍ट्र में तत्काल लागू करने का निवेदन किया है, जिससे जनता को हो रही भी-ुनवजयाण परे-रु39याानी से बचाया जा सके तथा कालाधन उजागर करने पर उन्हें अपराध के आरोपण से भी छुटकारा प्राप्त हो सके। न्यायधर्मसभा की ओर से अब तक कई  पत्र केन्द्रसरकार को डिजिटल करेंसी’ लागू करने के निवेदन हेतु भेजे जा चुके हैं।

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