आगरा Civil Enclave का 17 फरवरी को राज्‍यपाल करेंगे शिलान्यास

आगरा। आगरा में Civil Enclave को आखिरकार हरी झंडी मिल ही गई, इसके लिए सभी एनओसी जारी कर दी गई हैं, अब 17 फरवरी को इसका शिलान्यास होगा, Civil Enclave की नींव राज्यपाल रामनाईक रखेंगे।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु के भी आने की संभावना है, मेट्रो रेल के लिए पहले ही 175 करोड़ आवंटित हो चुके हैं। चुनाव से पहले देरी पर देरी हो रही थी। चुनाव आते ही तमाम मांगें पूरी की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सीधे आगरा में उतारने के लिए हवाई अड्डे की लंबे समय से मांग चली आ रही थी। शहर को हवाई अड्डा तो नहीं मिल सका लेकिन  Civil Enclave की सौगात जरूर मिलने जा रही है।

17 फरवरी को होगा शिनान्यास
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के डॉ. रोहित यादव द्वारा अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया को भेजे गए पत्र के अनुसार, 17 फरवरी को आगरा के Civil Enclave का शिलान्यास होगा।

गौरतलब है कि खेरिया हवाई अड्डे को ही विस्तार रूप देकर सिविल एन्क्लेव विकसित किया जाना है। इसके लिए सदर तहसील के धनौली, बल्हैरा और अभयपुरा में जमीन का अधिग्रहण किया गया है।

यह कार्य लगभग पूरा हो गया है। पिछले 26 मार्च को 3.48 करोड़ रुपये लागत से सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने इसके बाउंड्री निर्माण के कार्य का शिलान्यास किया था। यह कार्य भी लगभग हो चुका है।

2013 में मोदी ने दिया था Civil Enclave का आश्वासन
शहर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की मांग लंबे समय से चल रही थी। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नरेंद्र मोदी ने भी नवंबर 2013 में कोठी मीना बाजार मैदान पर आयोजित जनसभा के दौरान आगरा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की जरूरत बताई थी। उन्होंने शहरवासियों को आश्वासन भी दिया था। अब जब उनकी सरकार को पांच साल पूरे होने जा रहे हैं, इससे पहले इस योजना का शिलान्यास किया जा रहा है।

कई पेंच आए इस योजना में

आगरा में सिविल एन्क्लेव को लेकर कई पेंच फंसे। पहले यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्रस्ताव था। इसको लेकर केंद्र की भाजपा सरकार और तत्कालीन प्रदेश की सपा सरकार दोनों ने खूब दावे किए। इसके लिए तत्कालीन अखिलेश सरकार ने जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू करा दिया।

मगर, इसी बीच योजना में बदलाव किया गया। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आगरा की बजाय जेवर में स्थापित करने की घोषणा कर दी गई। यहां सिविल एंक्लेव ही रहने दिया। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले बजट के अभाव में इसका जमीन अधिग्रहण का काम भी रुका। बाद में प्रदेश की भाजपा सरकार आने के बाद शेष जमीन के अधिग्रहण के लिए 63 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए गए।

पर्यटन को लगेंगे पंख
सिविल एंक्लेव के मूर्त रूप लेने के बाद आगरा में सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई जहाज उतर सकेंगे। इससे ताजनगरी में पर्यटन बढ़ेगा। ताजमहल देखने की चाहत लेकर भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को दिल्ली या जयपुर के रास्ते आगरा आना पड़ता था।

इससे विदेशी पर्यटकों का तो अतिरिक्त समय खर्च होता ही था, आगरा के पर्यटन जगत को भी इसका लाभ नहीं मिल पाता था। मगर, सिविल एंक्लेव के मूर्त रूप लेने के बाद पर्यटन को पंख लग जाएंगे।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निदेशक कुसुम दास ने बताया कि आगरा में सिविल एंक्लेव का शिलान्यास 17 फरवरी को होगा,  कार्यक्रम मिल गया है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

-Legend News

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