नीरव मोदी की जमानत याचिका फिर खारिज, 27 जून तक बढ़ी हिरासत

नई दिल्‍ली। पीएनबी घोटाले के आरोपी और मनी लॉन्ड्रिंग केस के भगोड़ा साबित किए जा चुके हीरा कारोबारी नीरव मोदी की हिरासत 27 जून तक बढ़ गई है. नीरव मोदी को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया गया था. नीरव की वकील ने सशर्त जमानत की दलील रखी थी लेकिन जज ने खारिज कर दी है. जज एम्मा अबर्थनॉट ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा था कि यह बड़े फ्रॉड का मामला है जिससे भारतीय बैंक को नुकसान हुआ. मैं इस बात से संतुष्ट नहीं हूं कि सशर्त जमानत से नीरव को लेकर भारत सरकार की चिंताएं खत्म हो जाएंगी.
नीरव मोदी की जमानत अर्जी पहले भी तीन बार खारिज हो चुकी है. उसने 8 मई को आखिरी बार अर्जी लगाई थी. नीरव की वकील क्लेर मोंटगोमरी ने दलील दी थी कि जमानत के लिए नीरव कोर्ट की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार है क्योंकि वांड्सवर्थ जेल की स्थितियां रहने के लायक नहीं हैं. वह फिलहाल साउथ-वेस्ट लंदन की वांड्सवर्थ जेल में है. 19 मार्च को सेंट्रल लंदन की मेट्रो बैंक ब्रांच से नीरव की गिरफ्तारी हुई थी. वह बैंक खाता खुलवाने पहुंचा था.
पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी है नीरव-नीरव मोदी पर मेहुल चौकसी के साथ मिलकर 13700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है. इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहे हैं. दोनों के खिलाफ मुंबई की विशेष अदालत में भी मामला चल रहा है. नीरव मोदी की साजिश की वजह से पीएनबी बैंक की आर्थिक रफ्तार रुक गई थी. शेयर लुढ़क कर जमीन पर पहुंच गया था. मामले का खुलासे होते ही हड़कंप मच गया था.
कैसे किया नीरव मोदी ने घोटाला-नीरव मोदी पर आरोप है कि उसने बैंक के कुछ कर्मचारियों को अपने साथ मिल लिया था. सीबीआई की जांच में पता चला था कि पैसों के लालच में बैंक के कुछ अधिकारी बिक गए थे. पैसे की लालच में बैंक के अधिकारी मोदी को अपना कंप्यूटर तक सौंप देते थे जिससे नीरव मोदी के कर्मचारी खुद ही लॉगइन करता था. कहा जा रहा है कि उसके कर्मचारियों ने बैंक के डिजिटल सिस्टम से भी छेड़छाड़ की.
-एजेंसियां

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