सऊदी अरब को धमकाने के बाद मिमियाने लगे पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री

इस्‍लामाबाद। सऊदी अरब और ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्‍लामिक कंट्रीज OIC को धमकी देने वाले पाकिस्‍तान के बड़बोले विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अब अपने ही देश में बुरी तरह से घ‍िर गए हैं।
सऊदी अरब के पैसों पर पेट पालने वाले पाकिस्‍तान के विपक्षी दलों ने कुरैशी पर जोरदार हमला बोला है। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने आरोप लगाया कि कुरैशी देश के बेहद महत्‍वपूर्ण हितों के साथ ‘खेल’ रहे हैं। इस आलोचना के बाद अब पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय को सफाई देनी पड़ी है।
पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुरैशी का बयान देश के लोगों की ओआईसी से कश्‍मीर के मुद्दे को अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर उठाने की इच्‍छा और आकांक्षा को दर्शाता है। पाकिस्‍तानी व‍िदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता आइशा फारुकी ने कहा कि देश के लोगों की ओआईसी से काफी अपेक्षा है। वे चाहते हैं कि ओआईसी कश्‍मीर के मुद्दे को दुनियाभर में उठाए। उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में हमारा प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
फारुकी ने दावा किया कि पाकिस्‍तान ओआईसी का संस्‍थापक सदस्‍य है और उसका ओआईसी के सदस्‍य देशों के साथ दोस्‍ताना संबंध है। सऊदी अरब के साथ संबंधों पर फारुकी ने कहा कि दोनों देशों का ऐतिहास‍िक संबंध रहा है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान के लोग दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक सऊदी शाह का बहुत सम्‍मान करते हैं। इससे पहले पाकिस्‍तान की विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज ने सऊदी अरब को धमकी देने के मामले में कुरैशी को घेरा था।
नवाज शरीफ की पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा कि पाकिस्‍तान और सऊदी अरब का ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध रहा है। मुश्किल की घड़ी में भी सऊदी अरब पाकिस्‍तान के साथ खड़ा रहा है। पार्टी ने कहा कि एक दोस्‍ताना देश के खिलाफ गैर जिम्‍मेदाराना सबसे घटिया कूटनीति है। उसने कहा कि इमरान खान सरकार देश के महत्‍वपूर्ण हितों के साथ खेल रही है। इससे पहले चीन और तुर्की के इशारे पर नाच रहे पाकिस्‍तान के विदेशी मंत्री ने कश्‍मीर को लेकर अब अपने पुराने ‘मित्र’ सऊदी अरब को बड़ी धमकी दे डाली थी।
पाकिस्‍तान की नापाक साजिश में साथ नहीं देने पर कुंठा में आए पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि ओआईसी कश्‍मीर पर अपने विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक बुलाने में हीला-हवाली बंद करे। पाकिस्‍तानी न्‍यूज़ चैनल एआरवाई को दिए साक्षात्‍कार में कुरैशी ने कहा, ‘मैं एक बार फिर से पूरे सम्‍मान के साथ ओआईसी से कहना चाहता हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक हमारी अपेक्षा है। यदि आप इसे बुला नहीं सकते हैं तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से यह कहने के लिए बाध्‍य हो जाऊंगा कि वह ऐसे इस्‍लामिक देशों की बैठक बुलाएं जो कश्‍मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं।’
बता दें कि पाकिस्‍तान कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 के खात्‍मे के बाद से ही 57 मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने के लिए लगातार सऊदी अरब पर दबाव डाल रहा है। हालांकि अब तक उसे इस प्रयास में सफलता नहीं मिल पाई है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के बाद ओआईसी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक ओआईसी की बैठक न होने के पीछे एक बड़ी वजह सऊदी अरब है। सऊदी अरब ओआईसी के जरिए भारत को कश्‍मीर पर चित करने की पाकिस्‍तानी चाल में साथ नहीं दे रहा है।
दरअसल, ओआईसी में किसी भी कदम के लिए सऊदी अरब का साथ सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है। ओआईसी पर सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का दबदबा है।
-एजेंसियां

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