प्रेस कांफ्रेंस के बाद Justice Chelameswar के घर पर डी. राजा के पहुंचने से राजनैतिक सरगर्मी तेज

नई दिल्ली। आज सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा ‘लोकतंत्र पर खतरा’ बताकर की गई प्रेस कांफ्रेंस के बाद Justice Chelameswar के घर डी. राजा के पहुंचने से राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
राजनैतिक सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि सबकुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। राजनैतिक रूप से लाभ उठाने के लिए बजट सेशन से पहले इसे जानबूझकर अंजाम दिया गया।

अंग्रेजी न्‍यूज़ चैनल रिपब्‍लिक टीवी ने डी. राजा व चेलमेश्‍वर की मुलाकात की फोटो दिखाते हुए इस राजनैतिक संभावना को और बल दे दिया है।

आज सुबह चार जजों द्वारा प्रेस कांफ्रेंस के बाद सभी सकते में आ गए कि सुप्रीम कोर्ट में सब-कुछ ‘ठीक-ठाक’ नहीं है। ये खबर जैसे ही सामने आई, पूरे देश में खलबली मच गई। प्रधानमंत्री ने तुरंत ही कानून मंत्री को बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार सीधे तौर पर मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। सूत्रों का कहना है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट का अंदरूनी मामला है लेकिन इस बीच इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस, वामदलों और अन्य दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

इस संदर्भ में देखिए पूर्व कानून मंत्री का ट्वीट-

 

आपको बता दें कि जिन चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस की, उनमें से एक जस्टिस चेलमेश्वर और सीपीआई के नेता डी. राजा के बीच मुलाकात की खबरें आई हैं। डी. राजा को चेलमेश्वर के घर पर देखा गया। उनके घर से बाहर निकलने के बाद राजा ने कुछ कहने से इंकार कर दिया। राजा ने कहा कि वे पार्टी कार्यालय पर जाकर अपने अन्य नेताओं से बात करेंगे। उसके बाद ही कुछ कहेंगे।

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रजातंत्र खतरे में है। कपिल सिब्बल इस पर जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।

किस तरह के आरोप लगाए गए
सुप्रीम कोर्ट में सब-कुछ ऑर्डर में नहीं है।
केस का बंटवारा ठीक ढंग से नहीं किया जाता है।
बड़े मामलों पर संवैधानिक बेंच के गठन में सीनियर जजों की अनदेखी की जाती है।
प्रजातंत्र खतरे में है।

इन चार जजों ने पीसी की थी
Justice Chelameswar, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ।

-एजेंसी