Khashogi की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े-टुकड़े किये गये थे: रिपोर्ट्स

पत्रकार Khashogi हत्याकांड में पांच सऊदी अधिकारियों ने नशीली दवा देकर किये थे टुकड़े-टुकड़े

नई दिल्‍ली। पत्रकार Jamal Khashogi की मौत से जुड़ा खौफनाख सच सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खशोगी की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े-टुकड़े किये गये थे। इस मामले में अब अभियोजक ने आरोपी अधिकारियों के लिए सजा-ए-मौत की सिफारिश की है। अभियोजक ने बताया कि पांच सऊदी अधिकारियों ने खशोगी को नशीली दवा दी और उनके शव के टुकड़े-टुकड़े किये। इसके साथ ही अभियोजक ने यह भी बताया कि खशोगी हत्याकांड में सऊदी क्राउन प्रिंस को आरोपी नहीं बनाया गया है।

बता दें कि सऊदी पत्रकार जमाल खाशोगी तुर्की इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में गत दो अक्तूबर को गए थे, जिसके बाद उन्हें कभी नहीं देखा गया। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद सऊदी अरब सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि खाशोगी की हत्या हो गई। इसके अलावा तुर्की के प्रमुख अभियोजक ने नवंबर के पहले हफ्ते में इस बात की पुष्टि की थी कि दूतावास में प्रवेश करते ही खशोगी की 2 अक्तूबर को गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उनके शव के टुकड़े किए गए और उसे डिसॉल्व कर दिया गया। पूरी योजना के तहत इस काम को अंजाम दिया गया।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले रिपोर्ट्स आयी थी कि सऊदी अरब में शहजादे मोहम्मद बिन सलमान करीब एक साल पहले ही देश के चुनिंदा व्यवसायियों के छोटे समूह के साथ ईरानी शत्रुओं की हत्या के बारे में चर्चा कर चुके हैं। इस वार्ता में शामिल तीन शीर्ष सऊदी खुफिया अधिकारियों ने पहचान छुपाए रखने की शर्त पर यह जानकारी ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ से साझा की है। उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को सऊदी अरब के शहजादे से कहा कि अमेरिका उन सभी लोगों को सऊदी मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी के मामले में जिम्मेदार ठहराएगा जो उनकी हत्या में शामिल रह चुके हैं।

यह वार्ता इस बात के संकेत देती है कि सऊदी अरब में खशोगी की हत्या के सिलसिले में एक साल पहले ही वार्ता शुरू हो चुकी थी। सऊदी अरब ने यह पूछताछ उस वक्त की जब शहजादे बिन सलमान और उप क्राउन प्रिंस व रक्षामंत्री सत्ता को मजबूत करने में जुटे थे। सऊदी अधिकारियों ने खशोगी की मौत को एक अधिकारी मेजर जनरल अहमद अल-असीरी द्वारा दिए गए हत्या के आदेश के रूप में चित्रित किया है। इस संबंध में यह अधिकारी मार्च 2017 को उस बैठक मैं मौजूद भी रहा, जिसमें व्यापारियों ने ईरानी अर्थव्यवस्था को तोड़ने की कोशिश करने की योजना बनाई थी। बाद में असीरी को भी निकाल दिया गया।

तुर्की के पास हैं पर्याप्त सबूत

इस घटना के बाद पहले दिन से तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैय्यप अर्दोआन का दावा रहा है कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सऊदी से 15 सदस्यों की एक टीम 2 अक्तूबर को ही इस्तांबुल आई थी। अर्दोआन का दावा है कि तुर्की सुरक्षा सेवा के पास इसके पर्याप्त सबूत भी हैं। तुर्की के अडिग रहने के कारण अंतत: 20 अक्तूबर को सऊदी अरब को कबूल करना पड़ा कि पत्रकार की हत्या की गई है।
-एजेंसी

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