टेलीफोनिक वार्ता के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्‍तान और अमेरिका फिर आमने-सामने

पाकिस्तान और अमेरिका के बीच रिश्ते पहले से ही कुछ खास अच्छे नहीं चल रहे हैं, ऐसे में एक नए विवाद ने दोनों देशों को एक बार फिर आमने-सामने ला दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद आतंकवाद के मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच ताजा तनाव उत्पन्न हो गया है।
बहरहाल, इस बातचीत के संदर्भ में अमेरिकी पक्ष पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है।
अमेरिका ने की ठोस कार्यवाही की मांग
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोम्पिओ ने गुरुवार को पहली बार इमरान खान से फोन पर बात की और पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित सभी आतंकवादियों के खिलाफ ‘ठोस कार्यवाही’ की मांग की। क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला है। अफगान तालिबान एवं अन्य आतंकवादी समूहों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष समर्थन के लिये अमेरिका लंबे समय से पाकिस्तान से निराश है और इसके चलते ही ट्रम्प प्रशासन ने पाकिस्तान को चेतावनी दी और देश को दी जाने वाली सैन्य मदद को कम किया।
इस बयान पर हुआ विवाद
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने गुरुवार को दिए एक बयान में कहा कि पोम्पिओ ने खान के साथ बातचीत में आतंकवाद एवं युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने में उसकी अहम भूमिका के मुद्दे पर चर्चा की।
बयान में उन्होंने कहा, ‘विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पिओ ने आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बात की और उनकी सफलता के लिए बधाई दी। विदेश मंत्री पोम्पिओ ने रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध की दिशा में नयी सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई।’
पाकिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति
नॉर्ट के बयान के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री खान एवं विदेश मंत्री पोम्पिओ के बीच आज फोन पर हुई बातचीत को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा तथ्यात्मक रूप से गलत बयान जारी करने पर पाकिस्तान कड़ी आपत्ति जताता है।’
फैसल ने ट्वीट किया, ‘बातचीत में पाकिस्तान में संचालित आतंकवादियों का कोई जिक्र नहीं था। इसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।’
अपने बयान पर कायम है अमेरिका
नॉर्ट ने शुक्रवार को कहा कि खान के साथ पोम्पिओ की टेलीफोन पर हुई बातचीत अच्छी थी और अमेरिका अपने पहले के बयान पर कायम है।
‘डॉन’ की रिपोर्ट में राजनयिक एवं आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह कहा गया कि पोम्पिओ 5 सितंबर को पाकिस्तान की यात्रा पर आने वाले हैं और खान से मुलाकात करने वाले वह पहले विदेशी गणमान्य शख्सियत होंगे।
-एजेंसियां

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