Game changer में आफरीदी ने लिखा, मैं नहीं चाहता कि मेरी बेटियां क्रिकेट खेलें

नई दिल्‍ली। अपनी ऑटोबायोग्राफी Game changer में आफरीदी ने कहा कि वह अपनी बेटियों को सामाजिक और धार्मिक कारणों की वजह से क्रिकेट नहीं खेलने देना चाहते हैं.

आफरीदी का कहना है कि वह नहीं चाहते कि उनकी बेटियां क्रिकेट में अपना करियर बनाएं. आफरीदी की चार बेटियां- अक्‍सा, असमारा, अंशा और अज्‍वा हैं.

Afridi wrote in game changer, I do not want my daughters play cricket
Afridi wrote in game changer, I do not want my daughters play cricket

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी अपनी ऑटोबायोग्राफी Game changer की वजह से इन दिनों सुर्खियों में हैं.

आफरीदी ने हाल ही में रिलीज हुई अपनी आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ में कई खुलासे किए. उन्होंने इसमें कश्मीर और 2010 स्पॉट फिक्सिंग मामले पर भी बात की है. इसके अलावा, उन्होंने जावेद मियांदाद, वकार यूनिस और गौतम गंभीर की भी आलोचना की लेकिन इसके अलावा उनकी एक बात ने हर किसी को हैरान कर दिया.

आफरीदी ने कहा, ‘बेटियों को खेल खेलने की मेरी इजाजत है, बस ये इंडोर हों. क्रिकेट? नहीं, मेरी बेटियों के लिए नहीं. वह चाहे तो कोई भी इंडोर गेम्‍स खेल सकती हैं, लेकिन मेरी बेटियां किसी सार्वजनिक खेल गतिविधियों में हिस्‍सा नहीं लेंगी.’

आफरीदी ने कहा, ‘सामाजिक और धार्मिक कारण हैं, जिनके चलते मैंने यह फैसला किया है. मेरी पत्‍नी नाडिया भी इससे सहमत हैं. नारिवादियों को जो कहना हो वो बोले, एक रूढ़िवादी पाकिस्‍तानी पिता के रूप में मैंने यह फैसला किया है.’

आफरीदी ने कहा, ‘इतने सालों में, मैं चार बेटियों का पिता बना. स‍च कहूं तो हर बेटी के जन्‍म के साथ मेरा भाग्‍य बेहतर होता गया. अक्‍सा 10वीं में पढ़ रही हैं जबकि अंशा 9वीं कक्षा में हैं. ये दोनों खेल और पढ़ाई दोनों में अच्‍छी हैं. अंशा अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शाहिद आफरीदी फाउंडेशन में मदद करना चाहती है.’ आफरीदी ने कहा, ‘अज्‍वा और असमारा अभी छोटी हैं और उन्‍हें ड्रेस पहनना अच्‍छा लगता है. ये दोनों कोई भी खेल खेल सकती हैं, बस ये इंडोर हों. लेकिन क्रिकेट नहीं. क्रिकेट मेरी बेटियों के लिए नहीं. मेरी बेटियां किसी सार्वजनिक खेल गतिविधियों में हिस्‍सा नहीं लेंगी.’

-एजेंसी

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