युगांडा की संसद को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, भारत को अफ्रीका का सहयोगी होने पर गर्व

कम्पाला। युगांडा की संसद को संबोधित करते समय नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को यह सम्मान मिला है। युगांडा की संसद में महिला स्पीकर को देखकर उन्होंने कहा कि हमारी संसद की अध्यक्ष भी महिला हैं। युगांडा की संसद में युवा सांसद ज्यादा हैं और यह लोकतंत्र के लिए अच्छी खबर है। पीएम मोदी ने अफ्रीका के साथ संबंधों को लेकर 10 सूत्रीय अजेंडे की बात कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारे प्राचीन समुद्री क्षेत्र के रिश्ते, उपनिवेशवाद, स्वतंत्रता के लिए साझा संघर्ष, एक बंटी हुई दुनिया में स्वतंत्र देशों के तौर पर अनिश्चित मार्ग तय करना, नए अवसरों की शुरुआत और हमारी युवा आबादी की आकांक्षाओं की एकता, यह सब भारत और युगांडा को जोड़ती हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत को अफ्रीका का सहयोगी होने गर्व महसूस होता है। अफ्रीकी महाद्वीप में भारत की प्रतिबद्धता के केंद्र में युगांडा है। मैंने मंगलवार को युगांडा को 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा का कर्ज देने का ऐलान किया। इसमें से 14.1 करोड़ डॉलर बिजली लाइनों के लिए और 6 करोड़ 40 लाख डॉलर कृषि और डेरी उत्पादों के लिए दिया गया है।’ पीएम ने बताया कि मौजूदा समय में भारत ने 40 से ज्यादा अफ्रीकी देशों को 11 अरब डॉलर से ज्यादा का सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अफ्रीका के कृषि क्षेत्र के विकास के लिए साथ काम करेगा।
मोदी ने कहा कि भारत और अफ्रीकी देशों के संबंध 10 सूत्रीय मंत्र पर आधारित होंगे।
1. अफ्रीका हमारी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होगा। हम अफ्रीका के साथ अपने संबंधों को और गहरा करेंगे। हमारे संबंध नियमित तौर पर बढ़ेंगे।
2. हमारी डेवलपमेंट पार्टनरशिप प्राथमिकता के आधार पर होगी। यह उन शर्तों पर होगा जो आपके लिए सहूलियत भरी होंगी, जो आपकी क्षमता को मुक्त करेंगे और आपके भविष्य को बाधित नहीं करेंगी। हम जितना संभव होगा उतनी स्थानीय क्षमता का निर्माण और स्थानीय अवसर बनाएंगे।
3. हम अपने बाजारों को खुला और सरल बनाएंगे, साथ ही भारत के साथ व्यापार को आसान बनाएंगे। हम अपनी उद्योगों को अफ्रीका में निवेश के लिए बढ़ावा देंगे।
4. हम भारत के डिजिटल एक्सपीरियंस को अफ्रीका के विकास के लिए साझा करेंगे। पब्लिक सर्विस में डिलिवरी को बेहतर करेंगे, शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देंगे।
5. अफ्रीका के पास दुनिया की 60 प्रतिशत कृषि भूमि है, लेकिन ग्लोबल आउटपुट में इसका सिर्फ 10 प्रतिशत योगदान है। अफ्रीका की कृषि को बेहतर बनाने के लिए सहयोग करेंगे।
6. हमारी पार्टनरशिप, क्लाइमेट चेंज के लिए भी काम करेगी।
7. आतंकवाद और कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए हम आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे।
8. हम अफ्रीकी देशों के साथ समुद्र को खुला और मुक्त रखन के लिए काम करेंगे।
9. हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि अफ्रीका फिर से प्रतिद्वंद्वी इच्छाओं का केंद्र न बने।
10. जैसे भारत और अफ्रीका उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़े, उसी तरह हम एक न्यायसंगत, प्रतिनिधि और लोकतांत्रिक वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘जिंजा में जिस पवित्र स्थल पर गांधी जी की प्रतिमा है वहां हम गांधी हेरिटेज सेंटर बनाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘जब हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की तरफ बढ़ रहे हैं, तो ऐसे में इस सेंटर से बड़ी श्रद्धांजलि नहीं हो सकती, जिससे हमें अपनी आजादी की लड़ाई में अफ्रीका की भूमिका याद रहे।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत के लिए, स्वतंत्रता आंदोलन के नैतिक सिद्धांत केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं थे। यह हर इंसान के लिए स्वतंत्रता, गरिमा, समानता और अवसर के लिए एक सार्वभौमिक खोज थी।’
-एजेंसी

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