आहार में विटामिन डी को शामिल करने से मांसपेशियां होंगी मजबूत

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आहार में विटामिन डी को शामिल करने से मांसपेशियां होंगी मजबूत

दैनिक आहार में विटामिन डी को शामिल करने से मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में पाया है कि अधेड़ उम्र के जिन पुरुषों में विटामिन डी और मांसपेशियों व हड्डियों के निर्माण से जुड़े हार्मोनों का स्तर निम्न हो जाता है उनकी मांसपेशियों के गठन व शक्ति में गिरावट की संभावना बढ़ जाती है।

मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा, मांसपेशियों की कमजोरी से शारीरिक दुर्बलता पैदा होती है। यह वास्तव में धीरे धीरे ऊर्जा की क्षति है, जिससे दूसरों पर निर्भरता और अक्षमता बढ़ती है। अंतत: इससे मौत भी हो सकती है।

प्रमुख शोधकर्ता एग्निएस्का स्वेकिका ने कहा, हमारे अध्ययन के नतीजों ने दिखाया कि विटामिन डी, इंसुलिन के समान बढ़त से जुड़े अवयव-1 (आईजीएफ-1) और इसके संयोजक प्रोटीन 3 (आईजीएफबीपी 3) का स्तर निम्न होने से मांसपेशियों के गठन और शक्ति में कमी आती है।

उन्होंने कहा, अधिक उम्र वाली आबादी की मांसपेशियों की दुर्बलता आज एक सामान्य समस्या है। इससे दुनियाभर की स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को जूझना पड़ रहा है। शोधकर्ताओें के अनुसार, विटामिन डी न केवल हड्डियों का स्वाथ्य बनाए रखता है, बल्कि यह हमारी मांसपेशियों की गतिविधि को भी नियमित बनाए रखने के लिए अहम है। शरीर में जब इसका स्तर कम हो जाता है तब मांसपेशियों का गठन ढीला पड़ने लगता है, जिससे उनकी शक्ति भी घटने लगती है।

शोधकर्ताओं ने कहा, मांसपेशियों की सेहत पर विटामिन डी के साथ साथ आईजीएफ-1 की कमी का भी प्रभाव पड़ता है। आईजीएफ-1 मांसपेशियों की बढ़त और मरम्मत के लिए अहम है। इस हार्मोन की क्षमता और सक्रियता इसके वाहक प्रोटीन आईजीएफबीपी 3 पर निर्भर होती है।

उन्होंने कहा, जिन पुरुषों में एनाबोलिक हार्मोन का स्तर कम होता है उनकी मांसपेशियां और ज्यादा कमजोर हो जाती हैं। एनाबोलिक हार्मोन मांसपेशियों और हड्डियों के निर्माण से जुड़ा हार्मोन है। डीएचईए-एस हार्मोन की कमी का भी मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ता है।

सेहत
-विटामिन डी कमी से मांसपेशियों का गठन प्रभावित होता है, जिससे उनकी शक्ति घटने लगती है
-अधिक उम्र वाली आबादी की मांसपेशियों की दुर्बलता आज पूरी दुनिया की एक आम समस्या है

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