Golden Baba ने शुरू की लग्जरी कारों के साथ कांवड़ यात्रा

नई दिल्‍ली। इसे धर्म कहें या धर्म का आडंबर कि Golden Baba ने भगवान शिव के प्रति अगाध श्रद्धा की प्रतीक कांवड़ यात्रा को अपने प्रदर्शन से मजाक का विषय बना दिया है। अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा से हर साल चर्चा में रहने वाले गाजियाबाद के गोल्डल पर इस बार फिर आकर्षण का केंद्र हैं। सोमवार को अपनी कांवड़ की तैयारी को अंतिम रूप देने गाजियाबाद पहुंचे Golden Baba इस बार 21 लक्जरी कारों और 20 किलो सोने के साथ कांवड़ यात्रा के लिए निकले हैं।

पेट में कई तरह के इंफेक्शन है
सुधीर मक्कड़ उर्फ गोल्डल बाबा ने बताया यदि उनकी सेहत ने साथ दिया तो भविष्य में वह ऐसी ही कई यात्राएं करेंगे। गोल्डन बाबा की उम्र अभी 58 साल है। उन्होंने बताया कि पेट में कई तरह के इंफेक्शन है जिससे कांवड़ यात्रा के नियमों को पालन करनेे में दिक्कत होती है। वह अपनी बीमारी को लेकर दिल्ली, मुंबई कई बेहतरीन अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं लेकिन कहीं भी उनका मर्ज ठीक नहीं हुआ।

पिछले साल उन्होंने 14.5 किलो सोना पहनकर कांवड़ यात्रा की थी, लेकिन अब पिछली बार का रिकॉर्ड तोड़ते हुए उन्होंने 20 किलो सोना पहना है। उनके गहनों में 25 सोने की चेन हैं जिनमें प्रत्येक कम से कम 500 ग्राम वजनी है। इसके साथ ही 21 सोने के लॉकेट, सोने के दस्तबंद और रोलेक्स की घड़ी है। हर साल सोना बढ़ने के पीछे गोल्डन बाबा का कहना है कि भगवान की कृपा से उनका सोना हर साल बढ़ रहा है।

पिछली साल की यात्रा में 125 करोड़ रुपए खर्च
पिछले साल सेहत को देखते हुए गोल्डन बाबा ने ऐलान किया था कि 2018 की कांवड़ यात्रा उनकी आखिरी यात्रा होगी। पिछली साल अपनी यात्रा की सिल्वर जुबली मनाते हुए बाबा ने कावंड़ यात्रा में 125 करोड़ रुपए खर्च किए थे। यह पैसे महंगी कार किराए पर लेने और महंगे होटलों में ठहरने व अन्य कामों में खर्च हुए थे। पिछले साल उनके काफिले के साथ एक एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी मौजूद थी।

लालच देकर कर रखा है शिष्‍यों को काबू में

गोल्डन बाबा का कहना है कि साल दर साल उनकी कांवड़ यात्रा का खर्च बढ़ता जा रहा है। वे बताते हैं कि उन्हें आज भी वह दिन याद है जब उन्होंने अपनी पहली कांवड़ यात्रा में 250 रुपए खर्च किए थे। गोल्डन बाबा ने बताया कि जब उनकी मृत्यु होगी तो यह सारा सोना अपने सबसे प्रिय भक्त को देकर जाएंगे।

फुटपाथ पर कपड़े बेचकर इतना धन कैसे कमाया

सुधीर मक्कड़ अध्यात्म में आने से पहले दिल्ली के गांधीनगर में एक कपड़ा और प्रॉपर्टी कारोबारी थे। अब उनके पास गाजियाबाद की इंदिरापुरम सोसाइटी में लक्जरी फ्लैट है। गोल्डन बाबा ने जानकारी दी कि 6 साल की उम्र में उन्होंने हरिद्वार के एक गुरुकुल में पढ़ाई की थी। यहां उन्होंने रोजीरोटी कमाने के लिए पुटपाथ में कपड़े बेचना शुरू किया। धीरे -धीरे उनका धंधा फलने फूलने लगा और आज उनके पास धन दौलत की कोई कमी नहीं है। एक भक्त का अनुमान है कि गोल्डन बाबा के पास करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्ति है।
-एजेंसियां

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